Rajasthan News Today Live Updates: राजस्थान में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच चल रहा विवाद खत्म हो गया है, लेकिन क्या वाकई जब 14 अगस्त से बुलाए जाने वाले विधासनभा के सत्र में अशोक गहलोत सरकार बहुमत साबित कर देगी? यह सवाल हर किसी के मन में है, लेकिन बुधवार को सामने आए एक वीडियो ने कांग्रेस खेमे की आशंका उजागर कर दी। यह वीडिया है स्पीकर सीपी जोशी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव का। वैभव गहलोत स्पीकर के घर गए थे, उन्हें जन्मदिन की बधाई देने। इस दौरान दोनों के बीच जो बात हुई, वह साफ सुनाई दे रही है।

वीडियो में सीपी जोशी कर रहे हैं कि मामला टफ (मुश्किल) है। अगर 30 लोग भी चले जाते हैं तो होहल्ला करके सरकार को गिरा सकते हैं। वीडिया सामने आने के बाद भाजपा भी हमलावर हो गई है। उसके नेता स्पीकर सीपी जोशी पर आरोप लगा रहे हैं कि वे विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका कम और कांग्रेस नेता की अधिक निभा रहे हैं।

चौथी बार मिले सीएम तो राज्यपाल ने भरी हामी, 14 से विस सत्र

इससे पहले सरकार पर छाए संकट के बीच विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच पिछले 12 दिन से चल रहा टकराव आखिर खत्म हो गया। राज्यपाल ने विधानसभा का पांचवां सत्र आगामी 14 अगस्त से बुलाने के लिए अनुमति दे दी है। राजभवन की तरफ से देर रात जारी बयान के मुताबिक राज्यपाल ने इस दौरान कोरोना के नियमों के पालन का मौखिक निर्देश दिया है। इससे पूर्व जारी बयान में राज्यपाल ने कहा था कि संविधान प्रजातंत्र की आत्मा है। नियमानुसार सदन आहूत करने पर कोई आपत्ति नहीं है।

बुधवार को तीसरी बार कैबिनेट का प्रस्ताव लौटा देने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने राज्यपाल से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राज्यपाल को विश्वास दिलाया कि कोरोना महामारी को लेकर उनकी चिंताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सदन के अंदर विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच शारीरिक दूरी का पालन कराया जाएगा। प्रवेश द्वार पर सभी की स्क्रीनिग कराई जाएगी और जरूरत पड़ी तो कोरोना जांच भी करा ली जाएगी। सभी को मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग करने के लिए कहा जाएगा। सूत्रों के अनुसार गहलोत ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। कहा कि वह राज्य के प्रथम नागरिक हैं, इसलिए सभी उनका सम्मान करते हैं। उनकी इच्छा और निर्देश का पालन किया जाएगा।

राज्यपाल का प्रेम पत्र मिला : गहलोत

इससे पहले बुधवार सुबह राज्यपाल की आपत्तियों वाला नोट मिलने पर गहलोत ने कहा था कि प्रेम पत्र तो पहले ही आ चुका है, अब मिलकर पूछूंगा कि क्या चाहते हैं? नोटिस की शर्त को लेकर उन्होंने कहा कि 21 दिन हों या 31 दिन, जीत हमारी होगी। 70 साल में पहली बार किसी गवर्नर ने इस तरह के सवाल किए हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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