रंजन दवे, जोधपुर । नगर निगम चुनाव 2020 के लिए पहले चुनाव लड़ने और उसके बाद संबंधित पार्टी से टिकट मिलने को लेकर दावेदारों की होड़ लगातार जारी है ।गहमागहमी और जद्दोजहद के बीच जयपुर में प्रदेश अध्यक्ष की मुहर लगने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने जोधपुर के 160 वार्ड के लिए अपनी सूची जारी कर दी। हालांकि कुछेक स्थानों को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति है। सोमवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन होने के कारण रविवार की रात भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के दावेदारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है ।इधर भाजपा की सूची जारी होने के साथ ही विरोध के स्वर भी मुखर हुए हैं जहां लोगों ने सोशल मीडिया पर बयान बाजी कर अपनी भड़ास निकाली है।

नगर निगम में वार्डों के विस्तार के बाद कुल उत्तर और दक्षिण जोन में बैठे जोधपुर नगर निगम के 160 वार्डों में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस से एक कदम आगे बढ़ते हुए पहले अपनी सूची जारी कर दी है। हालांकि यह दिगर है कि भाजपा में इस बार भी दावेदारों की संख्या कांग्रेस के उम्मीदवारों से कहीं ज्यादा देखने को मिली। 160 वार्ड से तकरीबन 2 हजार से अधिक दावेदारों ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी ,लेकिन पहले स्थानीय पैनल फिर संयोजक और भाजपा जिलाध्यक्ष के बाद जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और जोधपुर के सांसद और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह की वार्ता के बाद दो चार वार्डो को छोड़ करीब-करीब सभी वार्डों से प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी गई है ।इससे भाजपा में एक बहुत बड़े खेमे में नाराजगी है।

दावेदारों की स्थिति खिसियाई बिल्ली खंबा नोचे की भांति यह नाराजगी अब सोशल मीडिया के माध्यम से फूट भी रही है। लोग स्वयं को कर्तव्यनिष्ठ और जमीन से जुड़ा कार्यकर्ता होने की दुहाई देते हुए टिकट ना मिलने पर अपना असंतोष व्यक्त कर रहे हैं।फेसबुक, व्हाट्सएप्प के साथ साथ कई ऑडियो मेसेज भी वायरल हुई हैं। ऐसे में अब चुनाव में डैमेज कंट्रोल करना भी भाजपा के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है। हालांकि चुनावों में टिकट ना मिलने की नाराजगी कोई नई बात नहीं है। भाजपा खेमा चुनाव से पहले सभी के एकजुट होने का दावा कर रहे हैं।

इधर कांग्रेस समर्थकों को भी अपनी पहली सूची का बेसब्री से इंतजार है हालांकि कांग्रेस ने भीतर ही भीतर अपने चुनिंदा उम्मीदवारों को इशारा किया है जिससे कि वह अपनी तैयारी में जुट गए हैं लेकिन अभी भी कांग्रेस की सूची को लेकर और उसमें अपने नाम को लेकर दावेदारों में संशय बरकरार है।

इनका कहना है:

भाजपा का परिवार बहुत बड़ा है ,और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अनुशासित है। एक ही स्तर पर अनेक कार्यकर्ता जुड़े हैं, जिसके लिए सबकी सहमति सर्वसम्मति और उनके कार्य को प्रमुखता के आधार पर टिकट वितरण किया गया है। अतः नाराजगी जैसी कहीं कोई बात नहीं है ।सभी कार्यकर्ता पार्टी के लिए उनका समर्पित है।

- प्रसन्न चंद मेहता, प्रदेश उपाध्यक्ष व स्थानीय प्रतिनिधि, भाजपा

Posted By: Sandeep Chourey

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