जयपुर। Rajasthan Panchayat Election 2020 : राजस्थान में इस बार पंचायतों का पुनर्गठन इनमें रहने वाली जनता पर भारी पड़ता दिख रहा है। प्रदेश की 4383 पंचायतों के चुनाव कानूनी दांवपेंच में फंस गए हैंं। राजस्थान निर्वाचन आयोग को दूसरी बार चुनाव कार्यक्रम में बदलाव करते हुए चैथे चरण के चुनाव पूरी तरह और पहले के तीन चरणों के चुनाव में बदलाव करना पड़ा है।

राजस्थान में इस बार सरकार ने सत्ता में आने के बाद पंचायतों के पुनर्गठन का काम हाथ में लिया था। इस काम में कुछ देरी हुई और इसके बाद जो पुनर्गठन हुआ उसके खिलाफ 80 ज्यादा याचिकाएं कोर्ट में दायर हो गई। राजस्थान हाईकोर्ट ने इन याचिकाओंं की सुनवाई करते हुए पुनर्गठन के बारे में जारी दो अधिसूचनाओं को खारिज कर दिया। इस बीच राजस्थान निर्वाचन आयोग ने पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होता देख 26 दिसम्बर को चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया। पहली बार में तीन चरण और बाद में एक और आदेश जारी कर चैथे चरण के चुनाव की घोषणा कर दी।

इसी बीच राजस्थान सरकार हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को राहत देते हुए हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए निर्वाचन आयेाग को एक बार फिर पूरी प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा। इसके तहत चौथे चरण का चुनाव पूरी तरह रोक दिया गया है, वहीं पहले तीन चरणों में भी कोर्ट के आदेश से प्रभावित हो रही पंचायतों के चुनाव रोक दिए गए है। स्थिति यह है पहले चरण के चुनाव के लिए तो नामांकन पत्र भी भरे जा चुके हैंं और 17 जनवरी को चुनाव होना है, लेकिन इस अब चरण में भी जहां चुनाव रोके गए हैंं, वहां के नामांकन पत्र सील कर दिए गए हैं और अब वहां 17 जनवरी को मतदान नहीं होगा।

अब स्थिति कुछ यूं बनी है

प्रथम चरण-17 जनवरी को 2,726 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। इसमें 26,800 वार्डों में पंच-सरपंच चुने जाएंगे। इसके लिए 10,206 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

दूसरा चरण- 22 जनवरी को 2,333 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे. इसमें 22,593 वार्डों के लिए पंच-सरपंच चुने जाएंगे। इस चरण के लिए 8,365 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

तीसरा चरण- 29 जनवरी को 1,700 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। इस चरण में 17,516 वार्डों के लिए पंच-सरपंच चुने जाएंगे। वहीं इसके लिए 6,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

निर्विरोध चुने गए पंच सरपंचों को निर्वाचित घोषित करने पर रोक- इस बीच आयोग ने प्रथम चरण की 3847 ग्राम पंचायतों में निर्विरोध पंच-सरपंच चुने गए प्रत्याशियों को निर्वाचित घोषित किए जाने यानी विधिवत निर्वाचन का प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने के आदेश भी दिए है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह अहम आदेश जारी किया है। प्रथम चरण के नामांकन भरने का काम आठ जनवरी और नाम वापसी व जांच का काम नौ जनवरी को हुआ था। इसके बाद कुछ ग्राम पंचायतों में पंच- सरपंच के पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से आए स्थगनादेश को देखते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रथम चरण के निर्वाचन में निर्विरोध निर्वाचन होने पर उन अभ्यर्थियों को निर्वाचन का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाए।

Posted By: Navodit Saktawat

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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