मनीष गोधा, जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव प्रक्रिया का एक बडा हिस्सा पूरा हो गया। तीन चरण में 6759 पंचायतों के चुनाव में प्रदेश की ग्रामीण जनता ने खूब उत्साह के साथ वोट डाले और तीनों चरणों में 80 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े। बुधवार को हुए तीसरे चरण में 81.83 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट दिए। राजस्थान में इस बार पंचायत चुनाव में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव नहीं कराए गए है, इसलिए राजनीतिक दलों की सीधी भागीदारी इस चुनाव में नहीं थी। इसके बावजूद पूरी तरह स्थानीय और गांव के मुददों पर हुए इस चुनाव में मतदाताओं की उत्साहजनक भागीदारी रही। मतदान कराने के लिए सरकारी मशीनरी के साथ ही प्रत्याशियों ने भी खूब जोर लगाया और गांव के बाहर चले गए लोगों को भी बुलवा कर वोट डलवाए।

पंचायत चुनाव के तहत 17 जनवरी को हुए पहले चरण में 81.51 प्रतिशत और 22 जनवरी को दूसरे चरण में 82.78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। वहीं तीसरे चरण में भी 81.83 प्रतिशत वोट पडे। तीसरे चरण में हालांकि सर्दी कुछ कम थी, लेकिन पहले दो चरण में अच्छी सर्दी के बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कमी नहीं दिखी। आयेाग के अधिकारियेा का कहना है कि तीनों चरणों में कई मतदान केन्द्रों पर मतदान का समय समाप्त होने के बाद भी वोटिंग होती रही, यहीी कारण रहा कि मतदान के वास्तविक आंकड़े अगले दिन नही मिल पाए।

राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त पीएस मेहरा ने रिकॉर्ड वोटिंग के लिए मतदाताओं का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के सहयोग से और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और निर्वाचन कार्य से जुड़े समस्त कार्मिकों के समर्पण की भावना से तीसरे चरण के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो सके हैं। तीसरे चरण में अजमेर जिले में 85.07 प्रतिशत, अलवर में 87.39, बारां में 86.87, बाड़मेर में 88.25, भरतपुर में 86.10, भीलवाड़ा में 85.05, बूंदी में 85.79, चित्तौड़गढ़ में 89.08, चूरू में 88.79, श्रीगंगानगर में 87.39़ प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसी तरह हनुमानगढ़ में सर्वाधिक 91.31, जयपुर में 82.25, जालौर में 63.94, झालावाड़ में 86.95, झुंझनू में 77.85, जोधपुर में 80.53 में, कोटा में 83.90, पाली में 68.50, प्रतापगढ़ में 90.83, राजसमंद में 78.18, सवाई माधोपुर में 81.29, सिरोही में 71.98, टोंक में 84.82 और उदयपुर में 79.46 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपना विश्वास जताया।

तीनों चरण में हनुमानगढ रहा अव्वल

पंचायत चुनाव के तीनों चरण में राजस्थान का हनुमानगढ जिला मतदान के मामले में अव्वल रहा। पहले चरण में 89.25 फीसदी और द्वितीय चरण में 91.52 प्रतिशत मतदान के साथ राजस्थान में प्रथम स्थान पर रहा था। तीसरे चरण में भी हनुमानगढ़ जिले में राजस्थान में सर्वाधिक 91.31 फीसदी मतदान हुआ। दरअसल यह जिला छोटा है और पंचायतें भी बहुत बडी नहीं है, इसलिए प्रत्याशियों की पहुंच हर परिवार तक रही। यही कारण है कि मतदान काफी अच्छा रहा।

तीसरे चरण में कई जगह हुई हिंसा

पंचायत चुनाव में तीनों चरणों में चुनाव बाद की हिंसा के मामले सामने आए। तीसरे चरण में भी सिरोही, अलवर, भरतपुर आदि स्थानों पर हिंसा हुई। अलवर के किशनगढ़बास क्षेत्र के नगली पठान गांव में पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद दो पक्ष आपस में टकरा गए। इसमंे 6 महिलाओं सहित एक दर्जन लोग घायल हो गए। वार्ड पंच चुनाव जीते हुए प्रत्याशी के पक्ष के लोगों द्वारा हारे हुए प्रत्याशी के समर्थकों के साथ चिढ़ाने और गाली गलौच के बाद मामला बढ़ गया। घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।

सिरोही जिले के सरूपगंज स्थित नितोड़ा गांव में सरपंच के चुनाव परिणाम आने के बाद पराजित हुए उम्मीदवारों के समर्थकों ने मतदान दल पर हमला कर दिया। ये दुबारा मतगणना की मांग कर रहे थे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को तितर बितर किया। वहीं भरतपुर जिले के जोतरोली गांव में उप सरपंच के चुनाव में दो पक्षों में झगड़ा हो गया और लोगों ने एक दूसरे पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। इसी दौरान कुछ बदमाशों ने देशी कट्टों से फायरिंग भी कर दी। जिसमें एक युवक के गोली लगी। वहीं, 11 लोग झगड़े में घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए भरतपुर जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। घटना के बाद जिला प्रशासन के निर्वाचन अधिकारी ने उप सरपंच चुनाव में मतदान प्रक्रिया को बंद करवा दिया। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश होने की बात सामने आई है।

मतदान कराने आए अधिकारी की मौत

इस बीच अजमेर में सिनोदिया ग्राम पंचायत में चुनाव कराने आए रिटर्निंग अधिकारी भगवतीप्रसाद शर्मा की सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार को पंच सरपंच चुनाव के बाद गुरुवार को उप सरपंच के चुनाव होने थे। इसकी प्रक्रिया पूरी कराने से पहले ही शर्मा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे सुबह 5 बजे उठकर उप सरपंच पद के निर्वाचन की प्रक्रिया की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक अपने कमरे से बाहर आए और गिर पड़े। मतदानकर्मी शर्मा को रूपनगढ़ अस्पताल ले गए. लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड दिया। शर्मा जिले के नांदला गांव में राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल में राजनीति विज्ञान के व्याख्यता पद पर कार्यरत थे।

Posted By: Yogendra Sharma

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