जयपुर। हिरासत में रखे गए संदिग्‍ध या अन्‍य व्‍यक्ति की मौतों की कई घटनाओं के बाद अब सरकार ने इस बात पर संज्ञान लिया है। सरकार का मानना है कि हिरासत में मौतों की घटनाओं पर अंकुश लगना चाहिये। इस संबंध में

के सामने को देखते हुए राजस्थान के पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियो को निर्देश दिए हैं कि हिरासत में रखे गए व्यक्ति के मानवाधिकारों का ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही हिरासत में मौत जैसे मामलों को टालने के लिए 15 बिन्दु भी निर्धारित किए गए है और इनकी सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैंं।

राजस्थान में पिछले दिनों हिरासत में मौत के कुछ मामले सामने आए थे। इनमें बारां के एक मामले में तो पूरे थाने के पुलिसकर्मियों को ही बदलना पड़ा था। अब पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने इस मामले में एक परिपत्र जारी कर सभी रेंज महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षको को उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी डीके बसु गाइडलाइन की पूर्ण पालना करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निर्धारित 15 बिंदुओ को थानों में प्रदर्शित करने के लिए भी कहा गया है। परिपत्र मे कहा गया है कि ऐसे मामलों में लापरवाही करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

परिपत्र में यह कहा गया है

परिपत्र में कहा गया है कि थानों में मुलजिम से लापरवाही पूर्वक पूछताछ तथा संदिग्ध व्यक्तियों को अनावश्यक बिना कानूनी कार्रवाई रोकने के कुछ प्रकरण उजागर हुए हैं, ऐसे में पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के मानव अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आरोपी के साथ मानवीय व्यवहार के साथ ही थानों में महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। विशेष परिस्थितियों के अलावा महिला को रात्रि में थाने में नहीं रखा जाए।

Posted By: Navodit Saktawat