Rajasthan Political Crisis Live Updates: राजस्थान का सियासी ड्रामा अब हरियाणा के मानेसर शिफ्ट होता दिख रहा है। मानेसर की जिस होटल में सचिन पायलट समर्थक विधायक ठहर हैं, वहां राजस्थान पुलिस पहुंच गई है। चार वरिष्ठ अधिकारियों की मौजदूगी में राजस्थान एसओजी आईटीसी होटल पहुंची। हालांकि इन्हें होटल के गेट पर ही रोक दिया गया। कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह भी यहीं ठहरे हैं, जिन्हें आज ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। खबर है कि राजस्थान पुलिस इन दोंनों से पूछताछ करने आई है।

हाई कोर्ट अब सोमवार को करेगा सुनवाई

इससे पहले राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ Sachin Pilot समेत 19 बागी विधायकों की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। तमाम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि सोमवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। इस दौरान आरोपी विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। बता दें, सचिन पायलट और बागी विधायक गुरुवार को हाई कोर्ट पहुंचे थे और हाई कोर्ट की डबल बेंच में इसी मामले की सुनवाई चल रही है। इस बीच कथित 'ऑडियो टेप कांड' पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस मामले में दो FIR दर्ज कराई गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी को मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल करने की अनुमति दी है।

शुक्रवार की सुनवाई के दौरान विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने सचिन पायलट और 18 बागी विधायकों को जवाब देने के लिए आज शाम 5 बजे तक का समय दिया था। कांग्रेस पार्टी ने पायलट समेत 19 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग उठाई थी।

कथित 'टेप कांड' में अपना नाम आने के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि वायरल हुए ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। वे इसकी जांच के लिए तैयार हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर राजस्थान सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस साजिश में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को शामिल बताया।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश की। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए में विधायकों की निष्ठा खरीदने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि विधायकों भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।

ऑडियो क्लिप मामले में दो एफआईआर दर्ज:

स्पेशल ऑपरेंशंस ग्रुप (SOG) के एडीजी अशोक राठौर ने बताया कि कथित ऑडियो टेप मामले में महेश जोशी की शिकायत दर्ज कराई गई हैं। हमने धारा 124ए और धारा 120बी के तहत दो FIR दर्ज की गई है। इन क्लिप की सत्यता की जांच की जाएगी।

एफआईआर में तीन लोगों के नाम:

एफआईआर में भंवरलाल शर्मा, गजेंद्रसिंह और संजय जैन के नाम है। कांग्रेस के चीफ व्हिप महेश जोशी ने कहा, 'मैने सिर्फ गजेंद्रसिंह के नाम का उल्लेख किया है। एसओजी मामले की जांच करेगी।' कांग्रेस पार्टी गजेंद्र सिंह शेखावत पर आरोप तो लगा रही है लेकिन एफआईआर में गजेंद्र सिंह शेखावत का पूरा नाम नहीं दिया गया है। एफआईआर में राजद्रोह कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज:

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने राजस्थान में कांग्रेस द्वारा भाजपा नेताओं के खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को आधारहीन बताया और कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी को ठीक से नहीं रख पाई, इसलिए वह एक बनाए गए ऑडियो क्लिप के जरिए अपनी विफलता का दोष भाजपा पर लगा रही है।

CM आवास फर्जी ऑडियो जारी करने का केंद्र बना: पूनिया

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान की जनता शर्मसार है कि मुख्यमंत्री निवास फर्जी ऑडियो जारी करने का केंद्र बन गया है और नेताओं के चरित्र हनन का प्रयास किया जा रहा है। अपनी कुर्सी बचाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों का नाम लिया जा रहा है।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में पिछले एक महीने में राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त की बातचीत चल रही थी। एसओजी इस मामले में जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि मीडिया द्वारा एक चौंकाने वाला ऑडियो टेप सामने लाया गया था जिसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत, भाजपा नेता संजय जैन और भंवरलाल शर्मा विधायकों को रिश्वत देने और राजस्थान सरकार गिराने की बात कर रहे हैं। इसके बाद दो कांग्रेसी विधायकों भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।

पांच विधायकों ने छोड़ा पायलट का साथ:

इस बीच खबर है कि सचिन पायलट के पांच साथी विधायकों ने उनका साथ छोड़ दिया है। इस तरह अब उनके पास 30 की जगह 25 विधायक ही बच गए हैं। पायलट का साथ छोड़ने वालों में प्रताप सिंह खाचरियावास, दानिश अबरार, चेतन डूडी, रोहित बेहरा और प्रशांत बैरवा शामिल है। ये सभी सचिन पायलक के खास माने जाते हैं।इस सियासी घमासान में सिंगल बेंच से होता हुआ मामला डबल बेंच तक पहुंच गया है। मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की बेंच में हुई। इस बीच हरीश साल्वे ने हाई कोर्ट में विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान व्हिप मान्य होता है। ऐसे में नोटिस देना या सदस्यता रद्द करने की बात करना गलत है। साल्वे ने कहा कि सदन के बाहर हुई कार्रवाई के लिए स्पीकर नोटिस नहीं दे सकते हैं। उन्होंने सुनवाई डबल बेंच में करने की मांग की। अब मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की डबल बेंच में होगी।

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने 19 विधायकों के निष्कासन को लेकर दिए गए नोटिस का जवाब भी मांगा है। सचिन पायलट की समस्या यह है कि यदि हाई कोर्ट की खंडपीठ का फैसला आने से पहले 19 विधायकों के जवाब से असंतुष्ट होकर सदस्यता रद्द करने का आदेश विधानसभा अध्यक्ष दे देते हैं तो मामला पेचीदा हो जाएगा। यदि ऐसा हो गया तो पायलट के पास फिर सुप्रीम कोर्ट का विकल्प ही बच जाएगा।

कांग्रेस ने पायलट के लिए अभी भी वापसी का दरवाजा खुला रखा है। सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर इनके बीच बातचीत चल रही है। हांलाकि, कांग्रेस ने का है कि पायलट भाजपा के प्रभाव से बाहर आएं और बिना किसी शर्त के वापसी करें। पायलट की वापसी के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रयास कर रहे हैं।

Posted By: Kiran K Waikar

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