जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की कांगे्रस सरकार पर राज्य के निकाय चुनाव मंे ओछी हरकतेें करने का आरोप लगाया है और सरकार के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग को बर्खास्त करने की मांग की है। दरअसल राजस्थान मे निकाय चुनाव में पार्षदों को अपने पक्ष में करने की खींचतान महाराष्ट्र जैसा ही दृष्य पैदा का रही है। यहां भी पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए हर तरह के दांव पेंच चल रहे है। दो दिन पहले अलवर में सरकार के श्रम मंत्री पर निर्दलीय पार्षदो को धमका कर अपने साथ ले जाने का आरोप लगा था। उधर भाजपा ने ब्यावर में दस निर्दलीय पार्षदों को अपने खेमें शामिल कर लिया, वहीं अध्यक्ष पद की नाम वापसी के दिन भरतपुर जिले के रूपवास नगरीय निकाय में एक निर्दलीय पार्षद को भाजपा ने सिम्बल दिया और यह निर्विरोध चुन ली गई, लेकिन निर्वाचन के आधे घंटे के भीतर ही वह कांग्रेस में शामिल हो गई। यानी बोर्ड पर कब्जे के बावजूद भाजपा को कुछ नहीं मिला। भाजपा ने एक निर्दलीय प्रत्याशी बबीता देवी के लिए समर्थन जुटाया, वे निर्विरोध चुन भी ली गई और फिर कांग्रेस के खेमे मेंं चली गई।

इस घटना के बाद से भाजपा सरकार पर हमलावर है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इशारे पर ओछी हरकतों पर उतर आई है। भरतपुर जिले के रूपवास नगर पालिका के चैयरमैन के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह् पर जीती हुई निर्विरोध नगर पालिका

चैयरमैन बबीता खटीक को तकनीकी मंत्री सुभाष गर्ग एवं कांग्रेसी विधायक अमर सिंह जाटव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरसिंह सुपा एवं स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से अनुचित दबाव डालकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई गई। इस प्रकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं कांग्रेस के नेता लोकतंत्र की हत्या जैसे घृणित कार्य कर रहे है।

इस पूरे प्रकरण में पुलिस व जिला प्रशासन कांग्रेस के कार्यकर्ता की तरह कार्य कर रहा है। उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी मंत्री सुभाष गर्ग व कांग्रेस के नेताओं की इस कार्यवाही का सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। उन्होंने मांग की कि राज्य चुनाव आयोग को भी मंत्री सुभाष गर्ग व स्थानीय प्रशासन के विरूद्ध कार्रवाई करे।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया एवं उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि अभी नगर पालिका चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तथा आचार संहिता लगी हुई है, उसके बावजूद भी राज्य सरकार के तकनीकी मंत्री सुभाष गर्ग जिला प्रशासन व पुलिस के सरकारी अधिकारियों को साथ लेकर नगर पालिका रूपवास तक पहुंचना बहुत दुर्भाग्य पूर्ण है और आचार संहिता का खुल्लम खुल्ला उल्लघंन है।

हम चुनाव आयोग से यह मांग करते है कि मंत्री सुभाष गर्ग व स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन के विरूद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही करे। डाॅ. सतीश पूनियां ने कहा कि हम राज्यपाल महोदय से मांग करते है कि लोकतंत्र के हत्यारे मंत्री सुभाष गर्ग व स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त कर लोकतंत्र की रक्षा करें।

दरअसल इस बार निकाय चुनाव में पार्षद के चुनाव और निकाय अध्यक्ष के चुनाव में पहली बार सात दिन का अंतर रखा गया है। भाजपा को डर है कि जैसा रूपवास में किया गया, वैसा ही अन्य निकायों मंे भी किया जा सकता है। दोनों चुनावो के बीच इतने समय को लेकर भााजपा पहले भी सवाल उठा चुकी है और अब 26 नवम्बर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए और ज्यादा सतर्कता रखी जा रही है।

Posted By: Navodit Saktawat