Rajasthan Politics : राजस्थान में बसपा के टिकट पर जीत कर कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों के विलय के खिलाफ दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई पूरी कर ली लेकिन कोर्ट का समय पूरा होने के कारण फैसला अब सोमवार को सुनाया जाएगा।। मामले में न्यायालय अंतरिम आदेश देने की जगह अंतिम फैसला देगा। हालांकि इस बीच विधानसभा में सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। ऐसे में अब कोर्ट का जो भी फैसला आता है उसका राजनीतिक असर फिलहाल नही पड़ेगा। इस मामले में तीन दिन से सुनवाई चल रही है। बसपा टिकट पर जीते विधायकों की ओर से सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि याचिका को सिरे से खारिज किया जाना चाहिए। मामले में फैसला करने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को है। इस मामले में सही तरीके से विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत नहीं दी गई और मदन दिलावर की याचिका को तकनीकि आधार पर खारिज किया गया है। ऐसे में उच्च न्यायालय को इस मामले दखल से बचना चाहिए और अध्यक्ष के पास नए सिरे से दायर याचिका पर फैसला आने का इंतजार करना चाहिए।

इसके बाद वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि यह याचिका दायर करने के पीछे याचिकाकर्ता की मंशा सही नहीं है और एक विधायक दल का दूसरे विधायक दल में विलय हो सकता है। याचिकाकर्ता ने 22 जुलाई के स्पीकर के आदेश को चुनौती दी है। स्पीकर ने विधानसभा रूल्स के तहत याचिका खारिज की है। याचिकाकर्ता ने रिट में जो भी प्रेयर की है उसमे कहीं भी आधार नहीं बताए है और इस स्तर पर याचिका मेंटिनेबल नहीं है।

वहीं पूर्व महाधिवक्ता जीएस बाफना ने कहा कि याचिका चलने योग्य नहीं है और इसे खारिज कर देना चाहिए। बहस का जवाब देते हुए बसपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि बसपा पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसका विलय विधायकों के कहने से नहीं हो सकता है। ऐसे में विधायकों के विलय संबंधित 18 सितंबर 2019 के आदेश को रद्द किया जाना चाहिए और विधायकों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। वहीं भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतपाल जैन ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनका पक्ष सुना ही नहीं है और तकनीकि खामी होने के बाद भी उसमें मेरिट देखना चाहिए था।

दो बार बिजली गई

जयपुर में हो रही बरसात का असर उच्च न्यायालय में भी देखने को मिला। जब बरसात की वजह से उच्च न्यायालय की दो बार बिजली चली गई एक बार लंच से पहले जब देवदत्त कामत अपना पक्ष रख रहे थे और दूसरी बार लंच के बाद सुनवाई शुरू होने के साथ ही पॉवर कट हो गया।

Posted By: Navodit Saktawat

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