जयपुर। राजस्थान में बुजुर्गों की सुरक्षा और मदद के लिए राजस्थान पुलिस ने सीनियर सिटीजन APP लॉन्‍च किया है। इस APP में दिए गए पैनिक बटन से बुजुर्ग मुसीबत के समय तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने मंगलवार को इस ऐप को लॉन्‍च किया।

यह APP राजस्थान के सूचना व प्रोदयोगिकी विभाग और स्वयंसेवी संस्था हैल्पएज इंडिया ने तैयार किया है। इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि APP को डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कराने में पुलिस कांस्टेबल की सहायता भी उपलब्ध रहेगी।

यह होगी इस APP की खासियत

इस APP के जरिए बुजुर्ग पैनिक बटन, बोल कर, वीडियो डाल कर या संदेश के जरिए अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकते हैंं। APP पर पुलिस की सहायता के अलावा विधिक सहायता, पेंशन, वृद्धाश्रम और डेकेयर सेटर जैसी सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध है।

तीन महीने तक पहले परीक्षण किया था

उन्होंने बताया कि पुलिस ने तीन महीने तक पुलिस मुख्यालय में इस APP का परीक्षण किया है। इसके बाद अब इसे आम जनता के लिए जारी किया गया है। लोगों से फीडबैक के आधार पर इसमे आगे और सुधार किए जाएंगे।

समाज में बुजुर्गों की स्थिति खराब

इस तथ्य के बावजूद कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई पहल की हैं, वे अभी भी समाज में सबसे कमजोर हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान को नंबर पर रखा गया है। 60 वर्ष और उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में 8। हालांकि 2014 से 2016 तक दर्ज किए गए मामलों की संख्या घट रही है, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है।

यद्यपि 1 अक्टूबर को 1990 के बाद से हर साल संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, यह निराशाजनक है कि हम बड़े पैमाने पर अपने वरिष्ठ नागरिकों की विशेष मानसिक, शारीरिक और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के प्रति पूरी तरह से दायित्‍व बोध से भरे नहीं हैं।

Posted By: Navodit Saktawat