जयपुर। जयपुर में मकर सक्रांति के मौके पर पतंगबाजी ने मंगलवार को राजनीतिक दलो की दूरियां भी मिटाई। राजस्थान की कांग्रेस सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने भाजपा सांसद दीयाकुमारी के साथ पतंग उडाई। ये दोनों राजस्थान के पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर के जलमहल पर आयेाजित पतंग उत्सव में भाग लेने के लिए पहुंचे। इसके बाद पर्यटन मंत्री जयपुर के पूर्व राजपरिवार के महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय संग्रहालय ट्रस्ट की ओर से सिटी पैलेस में आयोजित पतंग उत्सव में भी पहुंचे, इसका आयोजन की मेजबान राजपरिवार की सदस्य दीयाकुमारी थी।

सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने आसमान में गुब्बारे छोड़कर इसका उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मंत्री ने पतंग उड़ाई और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी देखा। मंत्री ने कहा कि पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें सभी को पार्टियों की सीमा को समाप्त कर एकजुट होकर काम करना चाहिए। विभाग द्वारा नए सर्किट बनाए जा रहे हैं और राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए नए स्थलों को शामिल किया जा रहा है।

इस अवसर पर सांसद, दीया कुमारी ने पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना की जिसके तहत रंगों व उल्लास वाले इस महोत्सव का आयोजन किया गया। उन्होंने इसे शानदार पहल बताया। महोत्सव के दौरान लोक कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इनमें कच्छी घोड़ी, कठपुतली, अलगोजा, मयूर नृत्य, हरियाणवी घूमर, लंगा गायन, बहरूपिया व भपंग वादन शामिल थे। इस महोत्सव का बड़ी संख्या में विदेशी व घरेलू पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने लुत्फ उठाया और कई पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया।

सिटी पैलेस में भी इसी तरह का आयोजन हुआ। इस दौरान राजस्थानी लोक गायकों द्वारा पारंपरिक लोक गीत प्रस्तुत किए। साथ ही पर्यटकों को स्वर्गीय सवाई राम सिंह द्वितीय (1835 - 1880) की प्रदर्शित की गई पतंगों व चरखी देखने का अवसर भी मिला।

Posted By: Navodit Saktawat

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Raksha Bandhan 2020
Raksha Bandhan 2020