जयपुर। राजस्थान के गांवों में आज से पंचायत चुनाव की रौनक शुरू हो जाएगी। राज्य में पहले चरण के पंचायत चुनाव के लिए मंगलवार को लोकसूचना जारी कर दी गई है और इसके बाद आज पंच और सरपंच पद के लिए नामांकन भरे जाएंगे। पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान 17 जनवरी को होगा। राजस्थान में पहली बार सरपंचों का चुनाव ईवीएम से होगा। राज्य में 11 हजार 123 ग्राम पंचायतों के पंचो और सरपंचों का चुनाव होना है जो चार चरणों में कराया जाएगा। इसके पहले चरण के लिए 3847 पंचायतों में पंच और सरपंच चुनाव के लिए पब्लिक नोटिफिकेशन मंगलवार को जारी कर दी गई है। नोटिफिकेशन के बाद आज सुबह 10 बजे से शाम 4.30 बजे तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे।

ऐसा पहली बार हो रहा है जब राजस्थान में सरपंच पद के लिए चुनाव ईवीएम से कराया जाएगा, यही कारण है कि इस बार नामांकन के बाद मतदान के लिए आठ से दस दिन का समय लिया जा रहा है। पहले चरण की ग्राम पंचायतों का मतदान 17 जनवरी को होगा। दूसरा 22 जनवरी, तीसरा चरण 29 जनवरी और चैथे चरण में 1 फरवरी को मतदान करवाया जाएगा।

प्रचार का समय ज्यादा, रहेगी रौनक

पूरी तरह स्थानीय स्तर का चुनाव होने के कारण अब राजस्थान के गांवों में अब एक फरवरी तक चुनाव की रौनक रहने वाली है। नामांकन दाखिल करने के साथ ही प्रचार का काम शुरू हो जाएगा और इस बार चूंकि प्रचार के लिए समय ज्यादा मिलेगा, इसलिए रौनक भी पूरी रहने वाली है। निर्वाचन आयोग ने सरपंच के लिए 50 हजार रूपए की खर्च सीमा तय की है, वही पंच के पद के लिए चुनाव खर्च की कोई सीमा नहीं है।

राजनीतिक जनादेश का पता नहीं चलेगा

इस बार पंचायत चुनाव में राजस्थान में जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव नहीं हो रहे है। सिर्फ पंच और सरपंच के चुनाव कराए जा रहे है। पंच और सरपंच के चुनाव में राजनीतिक दलो की भूमिका नहीं होती, क्योंकि प्रत्याशी पार्टियों के सिम्बल पर चुनाव नहीं लडते। यही कारण है कि एक महीने तक चुनाव की रौनक तो रहेगी, लेकिन राजनीतिक जनादेश का पता नहीं लग पाएगा।

फिर भी सभी राजनीतिक दलों के नेता अपने अपने क्षेत्रों में सक्रिय दिख रहे है, क्योंकि बाद में जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव भी होंगे ही और उनमें चुने गए पंच और सरपंचो की भूमिका काफी अहम रहने वाली है। कांग्रेस और भाजपा ने पंचायत चुनावों के लिए जिलावार प्रभारी नियुक्त किए हैं और उन्हें पूरी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए है।

खुले में शौच नहीं जाने का देना होगा शपथ पत्र

राजस्थान में पिछली बार पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता लागू की गई थी। इस अनिवार्यता को मौजूदा सरकार ने हटा दिया है, लेकिन इस बार सभी प्रत्याशियों को यह शपथ पत्र जरूर देना होगा कि उनके घर में पक्का शौचालय बना हुआ है और वे स्वयं तथा उनके परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच नहीं जाता है। इसके साथ ही संतान और सम्पत्ति के संबंध में सभी सूचनाएं और विचाराधीन आपराधिक मामलों और आपराधिक प्रकरणों में दोषसिद्धि से संबंधित जानकारियां भी देनी है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए है कि नामांकन-पत्र का कोई भी कॉलम खाली छोड़ने पर नामांकन-पत्र रद्द कर दिया जाएगा।

Posted By: Ajay Barve

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