जोधपुर, 25 अगस्त। पंचायत चुनाव के तहत राजस्थान के छह जिलों में होने जा रहे चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में सियासत चरम पर है। ग्रामीण इलाकों में होने वाले चुनावों को लेकर सरगर्मियां पूरे परवान पर है, जहां मुख्यमंत्री गहलोत सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मुख्यमंत्री गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत का भी चुनावी संसदीय क्षेत्र होने के नाते कांग्रेस और भाजपा में कड़ा मुकाबला है। वहीं हनुमान बेनीवाल की आरएलपी पार्टी के भी तकरीबन सभी सीटों पर चुनाव लड़ने से चुनाव में रोचकता आ गई है। वहीं कांग्रेस के भीतर भी सियासी परिवारों के बीच भारी प्रतिस्पर्धा है।

जोधपुर जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला और मुख्यमंत्री के बेटे वैभव गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह का संसदीय क्षेत्र है। जोधपुर में सीएम और केंद्रीय मंत्री शेखावत के बीच मुकाबला है। चूंकि ये सीएम अशोक गहलोत का गृह जिला भी है, इसलिए सियासत चरम पर है। उनके बेटे वैभव ने इन चुनाव क्षेत्रोंं में भी प्रचार किया है। कांग्रेस के सामने बेहतर प्रदर्शन की चुनौती है। वहीं जोधपुर सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा भी इन चुनावों से जुड़ी है। जोधपुर में 10 में 7 विधायकों के इलाके ग्रामीण क्षेत्र में पड़ते हैं। ग्रामीण इलाकों की सात में से 5 सीटों पर कांग्रेस विधायक हैं, इसलिए प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। बिलाड़ा में कांग्रेस विधायक हीराराम मेघवाल, ओसियां में दिव्या मदेरणा, शेरगढ़ में मीना किशनाराम विश्नोई, लूणी में महेंद्र विश्नोई, के सामने प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। वहीं फलौदी में बीजेपी विधायक पब्बाराम बिश्नोई और भोपालगढ में आरएलपी विधायक पुखराज गर्ग की ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ का टेस्ट होना है ।

इधर भाजपा नेताओं ने भी प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी अपने संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने भाजपा प्रतिनिधियों को जीत दिलाने के लिए जोधपुर जिले की कई पंचायत समितियों का दौरा किया। केद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के साथ ही चुनावी क्षेत्रों के सांसद और विधायक भी फील्ड में उतरे नजर आये। इन सभी वरिष्ठ नेताओं ने सुबह से शाम तक विभिन्न क्षेत्रों के दौरे करते हुए प्रत्याशियों के समर्थन में वोट अपील की है।

सिरोही जिले में भी स्थिति रोचक

राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों और जोधपुर संभाग के सिरोही जिले में भी ये चुनाव रोचक होता दिख रहा है। सिरोही में कांग्रेस का कोई विधायक नहीं है। वहां 2 बीजेपी विधायकों और 1 निर्दलीय विधायक की लोकप्रियता का टेस्ट है। सिरोही से गहलोत समर्थक निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ही पंचायती राज चुनावों में कांग्रेस की तरफ से सियासत कर रहे हैं। टिकट वितरण में भी उनकी ही ज्यादा चली है। राज्यसभा सांसद नीरज डांगी भी सिरोही से है। उनके भी कुछ समर्थक चुनावी मैदान में हैं। सिरोही में बीजेपी नेता ओटाराम देवासी , रेवदर से बीजेपी विधायक जगसीराम कोली और आबू पिंडवाड़ा से बीजेपी विधायक समाराम गरासिया की प्रतिष्ठा दांव पर है।

Posted By: Shailendra Kumar