रंजन दवे, जोधपुर। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े बीकानेर जमीन मामले में गुरुवार को जस्टिस मनोज गर्ग की अदालत में सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज इस मामले के खिलाफ स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी ने याचिका लगाई थी। गुरुवार को समय से पहले सुनवाई होने पर ईडी ने विरोध दर्ज करवाया गया, जिसके बाद कोर्ट ने 24 अक्टूबर की तारीख तय की है।

पिछली सुनवाई के दौरान दोपहर 2 बजे तय किया गया था, लेकिन सुनवाई से पहले ही रॉबर्ट वाड्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई के बाद ही इस मामले को सुनने का आग्रह किया और मामले में अगली सुनवाई की बात कही। जिस पर माननीय कोर्ट ने 5 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई तय की।

इस बीच 2 बजे ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल आरडी रस्तोगी कोर्ट केस में उपस्थित हुए और उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल ने कहा कि कोर्ट के ऑर्डर और कॉज लिस्ट में स्पष्ट 2 बजे का समय तय है तो इस मामले को इससे पहले क्यों सुना गया। उन्होंने कहा कि मामले को सुनने से पहले उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई।

कोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की ओर से जबरदस्त बहस हुई। वहीं सहायक सॉलिसिटर जनरल भानु प्रकाश बोहरा ने एक प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसमे पूछा गया है कि मामले में कोर्ट ने 2 बजे का समय मुकर्रर करने के बावजूद किन कारणों से इस मामले को पहले सुना गया।

इस पर कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा के अधिवक्ताओं से इसका जवाब मांगा गया। जिसके लिए जवाब देने के लिए समय देने की मांग की। कोर्ट में अब 24 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई मुकर्रर की है । 24 अक्टूबर को रॉबर्ट वाड्रा के अधिवक्ताओं की ओर से सहायक सॉलिसिटर जनरल की ओर से पेश किए गए प्रार्थना पत्र पर जवाब देना होगा, वही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल आरडी रस्तोगी में उसी दिन मामले पर अंतिम बहस शुरू करने की भी बात रखी है।वही अगली सुनवाई तक वाड्रा व उनके पार्टनर्स की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी।

Posted By: Arvind Dubey