जयपुर। प्रताप नगर इलाके में श्वेता तिवारी और 21 महीने के श्रेयम की नृशंस हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपियों की पुलिस रिमांड को दो दिन और बढ़ा दिया है। हालांकि, पुलिस ने इस बहुचर्चित डबल मर्डर के पूरे खुलासे और जांच के लिए पांच दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने महज दो दिनों की रिमांड ही बढ़ाई है। दोनों आरोपियों को सोमवार को तीन दिनों की रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और अभी साजिश रचने की जगह पर ले जाकर उनसे और पूछताछ की जानी है। लिहाजा, पांच दिनों के लिए आरोपियों की रिमांड दी जाए। इस पर आरोपियों के वकील दीपक चौहान ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आठ तारीख से रोहित तिवारी को पुलिस आठ तारीख से गुपचुप तरीके से हिरासत में लिए है। वह रोहित को प्रताड़ित कर रही है।

इस मामले में अभी तक क्या हुआ है

बताते चलें कि सात जनवरी 2020 को यूनिक अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 में श्वेता तिवारी का शव मिला था। उनका 21 महीने का बेटा लापता था। इसके बाद शाम को श्वेता के पति रोहित के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें उससे बच्चे की सलामती के बदले में 30 लाख रुपए की फिरौती देने की बात कही गई थी। पुलिस बच्चे श्रेयम की सलामती के लिए 150 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों की टीम लगाकर हर तरह मामले की जांच तेज कर दी थी। आठ जनवरी की दोपहर करीब तीन बजे उसका भी शव अपार्टमेंट परिसर के पीछे की झाड़ियों में मिल गया था।

इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज, मोबाइल फोन के रिकॉर्ड और तफ्तीश के आधार पर मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले सौरभ को गिरफ्तार किया, जो फिलहाल सांगानेर में रह रहा था। उसने पकड़े जाने के बाद पुलिस के सामने सारा मामला उगल दिया। सौरभ ने बताया कि रोहित तिवारी और उसके बीच सौदा हुआ था कि वे दोनों एक दूसरे की पत्नियों की हत्या कर देंगे। श्वेता की हत्या के लिए रोहित ने 20 हजार रुपए भी सौरभ को दिए थे। वारदात का प्लान यह था कि श्वेता की हत्या करने के बाद सौरभ बेटे की भी हत्या करके उसके शव को छिपा दे।

इसके बाद वह फिरौती के लिए मैसेज करे, ताकि पुलिस इसे अपहरण का केस मानकर चले और रोहित इस मामले से साफ बचकर निकल जाए। तय योजना के अनुसार, सात जनवरी को दोपहर 2 बजे रोहित के फ्लैट पर सौरभ पहुंचता है। श्वेता उसे पहले से जानती थी, लिहाजा वह दरवाजा खोल देती है और चाय-नाश्ता कराती है। इस बीच मौका पाकर सौरभ ने श्वेता और 21 महीने के श्रेयम के सिर पर मुसली के वार कर उनकी हत्या कर दी।

सीसीटीवी में श्रेयम का शव ले जाते दिखा सौरभ

इसके बाद श्रेयम के शव को वह लेकर सीढ़ियों से नीचे उतर गया और लाश को अपार्टमेंट के पीछे जंगल में फेंककर भाग गया। इसका सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिल गया था। इसके बाद सौरभ ने सांगानेर में एक दुकान से सस्ता मोबाइल खरीदकर उसमें श्वेता का सिम डालकर फिरौती के मैसेज भेजे थे। श्वेता की हत्या की जानकारी मिलने के बाद रोहित भागते हुए घर पहुंचा और उसने अज्ञात के खिलाफ पत्नी की हत्या और बेटे के अपहरण का केस दर्ज कराया। पुलिस ने 10 जनवरी को केस का खुलासा कर मास्टरमाइंड रोहित तिवारी और सुपारी किलर सौरभ उर्फ राजकुमार उर्फ राजसिंह चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था।

दूसरी शादी के लिए करवाई थी हत्या

पुलिस पूछताछ में रोहित तिवारी ने कुबूल किया है कि वह दूसरी शादी करना चाहता था। वह अपनी पूरी बैक लाइफ की हिस्ट्री डिलीट करना चाहता था, इसलिए बेटे की भी हत्या करवाई थी। पुलिस को इस सवाल का जवाब तलाशने और कड़ियों को जोड़ना था कि पत्नी की हत्या तो ठीक है, लेकिन 21 महीने के मासूम का कत्ल क्यों किया गया। पुलिस कमिश्नर आनंद ने बताया कि रोहित तिवारी बहुत की शातिर और कोल्ड ब्लडेड मर्डरर है। उसे पता था कि श्वेता की लाश मिलने के बाद पुलिस उससे पूछताछ करेगी। वह पूरे समय बहुत ही शांत रहा और उसके कई सवालों के जवाब पहले से तैयार कर रखे थे। हालांकि, सौरभ की गिरफ्तारी के बाद वह टूट गया।

रोहित को फांसी के लिए परिवार ने चलाया सोशल मीडिया में अभियान

इस नृशंस हत्याकांड की जयपुर के साथ ही पूरे देश में चर्चा हो रही है। यूनिक अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि ऐसे निर्दयी और बर्बर हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए। पुलिस कमिश्नर भी इसे दुर्लभ किस्म का अपराध मान रहे हैं। इस बीच श्वेता के परिजनों ने हत्यारे सौरभ और रोहित तिवारी के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने ट्विटर पर जस्टिस फॉर श्रेयम एंड श्वेता (Justice For Shreyam & Shweta) के नाम से पेज बनाया है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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