जयपुर। प्रतापनगर के बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस को मिली आरोपियों की दो दिनों की रिमांड बुधवार को पूरी होने के बाद आरोपी पति रोहित तिवारी और सुपारी किलर सौरभ चौधरी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं, पुलिस ने कहा था कि श्वेता तिवारी का सिम आरोपियों के पास से बरामद कर लिया गया था, लेकिन उसका मोबाइल अभी तक नहीं मिला है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने रिमांड मांगी थी। मगर, पुलिस को अब आगे की रिमांड नहीं मिली। बताते चलें कि यूनिक टावर सोसायटी के फ्लैट नंबर 103 में 7 जनवरी को श्वेता तिवारी और उसके 21 माह के बेटे श्रेयम की निर्मम हत्या कर दी गई थी।

वारदात के तीन दिनों के बाद 10 जनवरी को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया था। पुलिस कमिश्नर आनंद ने बताया था कि श्वेता के पति रोहित तिवारी ने पूरी वारदात की प्लानिंग बहुत सोच समझकर की थी। उसने अपने 21 महीने के बच्चे को भी मरवा दिया था। बकौल कमिश्नर, रोहित ने बताया था कि वह अपनी पूरी पास्ट हिस्ट्री को डिलीट करना चाहता था और दूसरी शादी करना चाहता था। इसलिए उसने अपने बच्चे को भी रास्ते से हटा दिया। पूछताछ में रोहित ने कहा था कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से आता है, जहां पहले से बच्चा होने पर दूसरी शादी में दिक्कत आ सकती थी।

श्वेता के परिजनों ने भी हत्या के बाद रोहित पर ही शक जाहिर किया था। वारदात के बाद से ही पुलिस का शक रोहित पर था, लेकिन पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही थी कि आखिर बच्चे की हत्या क्यों की गई। मगर, रोहित के खुलासे ने हर किसी को चौंका दिया। रोहित ने अपने दोस्त सौरभ चौधरी के साथ सौदा किया था कि वह उसकी पत्नी की हत्या कर दे, बदले में इस मामले के ठंडे होने के बाद रोहित उसकी पत्नी की हत्या कर देगा।

इतना ही नहीं, श्वेता की हत्या के लिए रोहित ने सौरभ को 20 हजार रुपए भी दिए थे और बाद में उसे खुश कर देने की बात कही थी। इस बीच पुलिस ने बताया है कि सौरभ के पास से मृतका का मोबाइल बरामद नहीं कर पाई है। आरोपी पुलिस को बार-बार गुमराह कर रहा है। कभी वह मोबाइल को झाड़ियों में फेंक दिए जाने की बात करता है और कभी कहता है कि उसने सांगानेर में द्रव्यवती नदी में मोबाइल फेंक दिया था। थानाप्रभारी पुरुषोत्तम महेरिया ने बताया कि मंगलवार को 6 घंटे मोबाइल की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला।

यह था प्लान

श्वेता के पति रोहित तिवारी ने इस हत्याकांड के लिए काफी अच्छी तरह से प्लानिंग की थी। आईओसीएल में अधिकारी रोहित तिवारी ने अपने ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों का तार 23 दिसंबर 2019 को निकाल दिया था, ताकि उसकी ट्रैकिंग नहीं हो सके। इसके अलावा वारदात वाले दिन उसने खुद को एक के बाद एक मीटिंग में बिजी रखा था, ताकि हत्या में संदेह उस पर नहीं हो। प्लान था कि श्वेता की हत्या करने के बाद सुपारी किलर सौरभ 21 महीने के श्रेयम की भी हत्या कर दे और उसकी लाश को कहीं ऐसी जगह छुपा दे कि उसका पता नहीं चल सके। साथ ही वह फिरौती के लिए लगातार मैसेज करता रहे। पुलिस इस मामले में फिरौती के एंगल से जांच में उलझी रहेगी और रोहित साफ बचकर निकल जाएगा।

प्लान के अनुसार सौरभ दोपहर करीब दो बजे श्वेता के घर गया। पहले से परिचित होने की वजह से श्वेता ने दरवाजा खोल दिया और उसे चाय नाश्ता कराया। इस दौरान मौका-पाकर उसने श्वेता और श्रेयम की हत्या कर दी। वह श्रेयम के शव को फ्लैट से ले जाते हुए भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। मगर, मौका नहीं मिल पाने की वजह से उसने श्रेयम के शव को इमारत के पीछे जंगल में फेंक दिया था। वह बाद में बच्चे के शव को ठिकाने लगाना चाहता था, लेकिन 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के मौके पर पहुंच जाने के बाद वह अपने मंसूबे को अंजाम नहीं दे पाया।

इसके बाद वह श्वेता के मोबाइल को लेकर चला गया, लेकिन पैटर्न लॉक होने की वजह से वह उसे खोल नहीं पाया। इसके बाद सौरभ ने सांगानेर में एक दुकान से सस्ता मोबाइल फोन खरीदा, जिसमें श्वेता का सिम लगाकर रोहित को फिरौती व अपहरण के मैसेज भेजे। उसने श्वेता के मोबाइल को तोड़कर फेंक दिया था। पुलिस उसे ही बरामद करने की कोशिश कर रही है। इसके बाद पुलिस ने 10 जनवरी को केस का खुलासा कर मास्टरमाइंड रोहित तिवारी और सुपारी किलर सौरभ चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai