जयपुर। कोरोना संकट ने थडी ठेले लगा कर कमाई करने वालों को गहरी परेशानी में डाल दिया है। लॉकडाउन के चलते इन मूल काम धंधे बंद हुए तो कमाई जारी रखने के लिए इन्होंने सब्जी बेचने का काम शुरू किया, लेकिन अब इस पर भी कोरोना की गाज गिर गई है। ये सुपर स्प्रेडर्स माने जा रहे हैं। जयपुर की बात करें तो अब तक 27 सब्जी वाले कोरोना पाॅजिटिव पाए जा चुके है और इसके चलते अब जयपुर में सब्जी ठेलों की राशनिंग करनी पडी है। हर वार्ड में अधिकतम 10 सब्जी वालों को अनुमति दी जा रही है।

कोरोना लॉकडाउन में सरकार ने सब्जी, किराना और दवाई की दुकानों को छोड कर अन्य सभी तरह की दुकानें और काम बंद कर दिए थे। इसके चलते अलग-अलग तरह के थडी ठेले लगाने वाले हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट हो गया। ऐसे में कमाई जारी रखने के लिए गोलग्प्पे बेचने वाले से कर रद्दी और कबाड लेने वालों तक ने अपना काम बदल कर सब्जी बेचना शुरू कर दिया। गली मोहल्लों में बडी संख्या में सब्जी के ठेले घूमने लगे। जयपुर नगर निगम के सूत्र बताते हैं कि निगम के पास लॉकडाउन से पहले सब्जी बेचने वाले तीन हजार लोगों की सूची थी, लेकिन लॉकडाउन के बाद सैंकडों और लोग यह काम करने लगे। इनका कोई रिकॉर्ड भी निगम के पास नहीं है।

अब पिछल कुछ समय में जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में सब्जी वाले भी सामने आने लगे है। जयपुर में इन्हें और किराना दुकानदारों को सुपर स्प्रेडर्स मानते हुए अलग से सैम्पलिंग शुरू की गई थी। शनिवार तक 4217 सैम्पल लिए जा चुके थे और इनमें 39 पॉजिटिव पाए गए है। इन 39 में से 27 सब्जी वाले है। इनके अलावा 450 से ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन किया गया है।

सब्जी वालों में पॉजिटिव केस सामने आने के बाद से अब जयपुर में स्थानीय प्रशासन ने हर वार्ड में इनकी संख्या निर्धारित कर दी है। एक जयपुर के एक वार्ड में दस से बारह सब्जी वालों को ही सब्जी अनुमति दी जा रही है। अब तक 900 के आसपास अनुमति दी गई है। जिन्हें अनुमति दी गई है, उन्हें पहचान के लिए पीली टोपी दी गई है और मास्क व हाथों के दस्ताने और सेनेटाइजर अनिवार्य किया गया है। शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल ने भी यहां की स्थितियों की समीक्षा करते हुए सुपर स्प्रेडर्स पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है और इनकी ज्यादा से ज्यादा सैम्पलिंग करने को कहा है।

Posted By: Yogendra Sharma