जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अजमेर एवं नागौर में नगर पालिका निंबाहेड़ा के कनिष्ठ अभियंता हरि सिंह को 55 हजार रुपए तथा नगर पालिका सरवाड़ में कार्यरत अधिशाषी अभियंता दीपेंद्र सिंह एवं केशियर देवेंद्र सिंह को 10-10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि परिवादी ने एसीबी कार्यालय अजमेर में शिकायत दी थी कि उसकी फर्म ने नगर पालिका सरवाड़ में कुछ काम किए थे।

इन के बकाया बिलों के भुगतान करने लिए अधिशाषी अभियंता,कनिष्ठ अभियंता व चेयरमैन उसे काफी समय से चक्कर कटवा रहे है और रिश्वत की राशि की मांग कर रहे हैं। परिवादी की शिकायत पर सितंबर माह में एसीबी ने प्रथम सत्यापन हरि सिंह का कराया जो उस सरवाड नगर पालिका में कनिष्ठ अभियंता के रूप में कार्यरत थे। हरि सिंह ने पुरानी तारीख में बिल बनाते हुए 60 हजार रुपए की रिश्वत की राशि की मांग की मामला 55 हजार रुपए में तय होने पर 55 हजार रुपए के सेल्फ का चेक ले लिया।

सत्यापन में पाया गया कि अधिशाषी अभियंता दीपेंद्र सिंह द्वारा 50 हजार रुपए की मांग की गई थी एवं 40 हजार रुपए पूर्व में प्राप्त कर लिए गए थे। वहीं नगर पालिका सरवाड़ चेयरमैन विजय कुमार ने 2 प्रतिशत के हिसाब से 36 हजार रुपए की रिश्वत की राशि मांगी थी और दलाल राजेश शर्मा के मार्फत पैसा ले चुके थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजमेर चंद्र प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में बुधवार को दो टीमों का गठन कर ट्रैप कराया गया। प्रथम टीम ने नगर पालिका निंबाहेड़ा में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता हरि सिंह को गिरफ्तार किया एवं उसके पास से अमानत में रखा 55 हजार का सेल्फ का चेक बरामद किया।

दूसरी टीम ने उप अधीक्षक अजमेर श्री महिपाल सिंह के नेतृत्व में नगर पालिका सरवाड़ में कार्यवाही करते हुए केशियर देवेंद्र सिंह को स्वयं के लिए 10 हजार रुपए एवं अधिशाषी अभियंता दीपेंद्र सिंह के कहे अनुसार उनके लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकडा। केशियर देवेंद्र सिंह एवं अधिशाषी अभियंता दीपेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके निवास स्थान पर एसीबी की सर्च जारी है साथ ही शेष व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Posted By: Navodit Saktawat