Tiddi Dal Attack: टिड्डी नियंत्रण के लिए ड्रोन की तैनाती कर भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है। राजस्थान और विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के टिड्डी प्रभावित क्षेत्र के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और फलोदी (जोधपुर) में चरणबद्ध तरीके से 12 ड्रोन की तैनाती का काम शुरू कर दिया गया है। रेगिस्तानी टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्रोन की तैनाती से टिड्डी सर्कल कार्यालयों की क्षमताओं में वृद्धि हुई। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने भी भारत के इस प्रयास के सराहना की है। बता दें, पाकिस्तान से टिड्डी का एक और दल भारत की तरफ आ रही है, जो राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा में नुकसान पहुंचा सकता है। पढ़िए जोधपुर से रंजन दवे की रिपोर्ट-

टिड्डी नियंत्रण की समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ड्रोन की तैनाती के विषय में कहा था, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय की मौजूदा नीति में कीटनाशकों के पेलोड के साथ ड्रोन के उपयोग की अनुमति नहीं है। इसके बाद कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण से जुड़े विभागों ने इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से विशेष अनुमति की मांग की थी। सभी आवश्यक प्रक्रिया के सम्पूर्ण होने के बाद ड्रोन, हवाई जहाज और हेलीकॉप्टरों से कीटनाशकों के हवाई छिड़काव की मानक परिचालन प्रक्रिया को केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।

टिड्डी नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन की सेवाएं प्रदान करने के लिए राजस्थान के जयपुर और मध्य प्रदेश में शिवपुरी की दो फर्मों को पैनल पर रखा गया है। परीक्षण में भी ड्रोन का उपयोग दुर्गम क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों पर टिड्डी नियंत्रण में आशा से अधिक संतोषजनक रहा है। वहीं टिड्डी नियंत्रण के काम आने वाले स्प्रेयर वाहन भी देश में विकसित होंगे।

राजस्थान के अजमेर और बीकानेर में ड्रोन का सफल परीक्षण

अल्ट्रा लो वॉल्यूम (यूएलवी) स्प्रेयर लगे इन ड्रोन का राजस्थान के अजमेर और बीकानेर जिलों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। अब इसके वाणिज्यिक लांच के लिए आवश्यक स्वीकृतियां लेने की कार्यवाही चल रही है। इसके वाणिज्यिक उत्पादन के साथ ही टिड्डी नियंत्रण में महत्वपूर्ण इस उपकरण के आयात पर भारत की निर्भरता समाप्त हो सकेगी। वर्तमान में स्प्रेयर वाहन इंग्लैंड के एक फर्म से खरीदा जा रहा है। इस फर्म को 60 स्प्रेयरों की आपूर्ति के लिए फरवरी 2020 में आदेश दिए गए थे। इसमें से भारत को अभी 15 स्प्रेयर मिले हैं। बाकी 45 इकाइयों की आपूर्ति एक महीने के भीतर होने की संभावना है।

Posted By: Arvind Dubey

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