कोटा। ट्रिपल तलाक का कानून भले ही बन गया हो लेकिन अभी भी महिलाओं को इसकी तकलीफ से छुटकारा नहीं मिला है। कोटा में एक मामला सामने आया है जिसमें 55 साल की महिला को उसके पति ने छोटी सी बात पर तीन तलाक दे दिया। इस संबंध में महिला ने अब एसपी ऑफिस में परिवाद दिया है।

पति उसके बाद अपने बेटे को लेकर पैतृक गांव चला गया। घटना के बाद से महिला परेशान है और न्याय की गुहार लिए भटक रही है।

ये है मामला

कुन्हाड़ी स्थित चूने वाले बाबा के पास बजरंगपुरा, सकतपुरा निवासी 55 साल रेहाना तीन तलाक की मार सह रही है। उसके पति सरवर अंसारी ने मामूली बात पर उसे तीन तलाक दे दिया। अंसारी सीएडी से फीडर के पद से सेवानिवृत है। पत्नी पर हाथ उठाने से भी नहीं हिचकता है। अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत रेहाना ने 6 महीने पहले पुलिस स्टेशन में की थी। रेहाना की शिकायत के बाद पुलिस ने अंसानी को बुलाकर समझाइश दी और मामला सुलझ गया। लेकिन फिर जून माह में मारपीट की घटना हुई। अंसारी ने गुस्से में आकर रेहाना का पैर ही तोड़ दिया था।

इस मारपीट के बाद भी पुलिस तक बात पहुंची तो पति को समझाइश ही दी गई लेकिन इस बाद मामला ज्यादा ही आगे बढ़ गया। 17 अगस्त को अंसारी ने रेहाना के साथ खूब मारपीट की। इसके साथ ही उसने रेहाना से अलग होने की बात की और उसने तीन तलाक दे दिया। तीन बार तलाक कहकर रेहाना को घर से निकाल दिया। इसकी शिकायत रेहाना ने कुन्हाड़ी थाने में की थी।

तीन तलाक के बाद अंसारी बेटे शरीक को लेकर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले स्थित लखमोड पोस्ट लार टाउन अपने पैतृक गांव चला गया। रेहाना ने न्याय दिलाने की मांग की है। उसका कहना है कि पति के जाने के बाद उसके सामने परिवार चलाने का कोई जरिया नहीं बचा है। रेहाना की एक बेटी जरीना भी है।

रेहाना ने नए ट्रिपल का तलाक कानून के तहत उसके पति सरवर अंसारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

ये है नया ट्रिपल तलाक बिल

लोकसभा ने 25 जुलाई को मुस्लिम वुमेन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज) बिल को पारित किया था, जो तीन तलाक बिल के नाम से चर्चित हुआ। 30 जुलाई को यह राज्यसभा से पारित किया गया, जिसके बाद यह कानून बन गया। अगस्त 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक और गैर-कानूनी करार दिया था।