Pradhan Mantri Mudra Yojana loan : यदि आपने या आपके किसी परिचित ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत लोन लिया है या एप्‍लाय किया है तो सावधान हो जाइये। दो ठगों ने इस योजना का लोन दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। ठगों ने एक नहीं तीन राज्‍यों Madhya Pradesh, Uttar Pradesh and Rajasthanमें करोड़ों रुपए की ठगी की है। हालांकि अब वे पकड़ में आ गए हैं लेकिन अभी उनसे जानकारी सामने आने की उम्‍मीद है।

जयपुर पुलिस ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कर्ज दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आवेदनकर्ताओं से आवेदन लेकर उन्हें कर्ज जारी होने के फर्जी चैक देते थे और बदले में कर्ज की दस प्रतिशत राशि वसूलते थे। इन्होंने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इस तरह कई लोगों को ठगा है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम कावेन्द्र सागर ने बताया कि देवेंद्र सिंह नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि आरोपियों ने उससे सम्पर्क कर कहा था कि उन्होंने आगरा में परफेक्ट माइक्रो मनी यार्ड एंटरप्राइजेज और सेडा नाम से कम्पनी खोल रखी है और वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 50 हजार से दस लाख तक लोन दिलाते हैंं। इसके लिए सम्बन्धित व्यक्ति की पहचान के सारे दस्तावेज और फार्म के नाम से एक हजार रुपए लेते हैंं।

लोन स्वीकृत होने के बाद स्वीकृत राशि का दस प्रतिशत कमीशन के रूप में भी वसूलते हैंं। परिवादी ने शिकायत में बताया कि इस तरह उन्होंने करीब चार सौ लोगों के फार्म भरवा लिए और फर्जी लोन स्‍वीकृति के कागज और चैक दे दिए। इनके बदले में दस-दस प्रतिशत राशि कमीशन के तौर पर प्रति लोन के हिसाब से वापस ले ली और फरार हो गए।

सैकड़ों फार्म, दस्तावेज और लाखों रुपए के फर्जी चैक बरामद

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सोमवार को शशिकांत शर्मा, प्रदीप सिंह, रणजीत सिंह को गिरफतार किया है। इनमें शशिकांत शर्मा आगरा का और बाकी दोनों भिण्ड के रहने वाले हैंं। पुलिस ने इनके पास से एक लग्जरी कार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के सैकड़ों फार्म, दस्तावेज और लाखों रुपए के फर्जी चैक बरामद किए हैंं।

किस राज्‍य में कितनी ठगी

पूछताछ में सामने आया है कि इन्होंने इस तरह से मध्य प्रदेश में करीब एक करोड़, उत्तर प्रदेश में दो करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैंं। इनसे आगे और पूछताछ की जा रही है। पुलिस को इनके साथ कुछ और लोगों के होने का भी शक है।

Posted By: Navodit Saktawat

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