जयपुर। राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए वसुंधरा राजे सरकार ने गुर्जरों सहित पांच जातियों को ओबीसी के साथ ही मोस्ट बैकवर्ड क्लास (एमबीसी) में अलग से एक फीसद आरक्षण देने के प्रस्ताव को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इन जातियों को पहले की तरह ओबीसी में आरक्षण का लाभ भी मिलता रहेगा।

अब नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही इन जातियों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार के नए निर्णय के बाद अब राज्य में आरक्षण की कुल सीमा 50 फीसद हो गई है।

इससे अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता। गुर्जर, रायका, रैबारी, गड़रिया व लुहार जातियों को लेकर आरक्षण के विवाद के चलते करीब 75 हजार भर्तियों की प्रक्रिया अटकी पड़ी थी। अब आरक्षण का निर्णय होने के बाद युवाओं को राहत मिलेगी।

गौरतलब है कि एक दशक से भी लंबे समय तक चले हिसक गुर्जर आरक्षण आंदोलन के बाद सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में गुर्जर, गड़रिया, लुहार, रैबारी, बंजारा और रायका समाज को पांच फीसद अलग से आरक्षण देने का विधेयक पारित कराया था। इसके बाद आरक्षण की कुल सीमा 54 फीसद हो गई थी।

आरक्षण देने के कुछ दिन बाद ही मामला कोर्ट में पहुंच गया और कोर्ट ने आरक्षण पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार, 50 फीसद से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।

इसके बाद गुर्जर समाज ने फिर आंदोलन की धमकी दी तो सरकार ने ओबीसी में पहले की तरह मिल रहे आरक्षण के लाभ के साथ ही इन पांच जातियों को एक फीसद अलग से एमबीसी क्लास में आरक्षण देने का निर्णय लिया है।


वर्तमान में आरक्षण की स्थिति

ओबीसी : 21 फीसद

अनुसूचित जाति : 16 फीसद

अनुसूचित जनजाति : 12 फीसद

अब एमबीसी की नई श्रेणी : 01 फीसद

-इस तरह कुल आरक्षण की सीमा 50 फीसद हो जाएगी

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