जयपुर। बनारस हिदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्त होने वाले डॉ. फिरोज खान के समर्थन में राजस्थान में संस्कृत के विद्वान, साधु-संत और हिदू समाज के कुछ लोग उतर आए हैं। मुस्लिम युवक के बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर चयनित होने पर खुशी जताने के लिए कुछ लोग बुधवार को उनके घर भी पहुंचे। इस दौरान बगरू स्थित रामदेव गोशाला में खुशी का इजहार करते हुए भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया । इस आयोजन में फिरोज खान के पिता रमजान खान उर्फ मुन्ना मास्टर ने भगवान कृष्ण के भजन सुनाए। पुष्कर से पांच-छह साधु रमजान खान के घर भी गए और उन्हें बेटे के बीएचयू में चयनित होने पर पिता रमजान खान को बधाई दी ।

गोशाला के संचालकों में से एक चंपालाल का कहना है कि यह हमारे लिए काफी फक्र की बात है कि मुस्लिम समाज का युवक बीएचयू में विद्यार्थियों को संस्कृत की शिक्षा देगा । पिछले दस साल से रोजाना गायों की सेवा के लिए गोशाला जा रहे गोविद अग्रवाल ने कहा कि रमजान खान को देखकर कभी यह अहसासस ही नहीं हुआ कि उनसे धर्म के आधार पर भेदभाव किया जाए । वे भगवान कृष्ण और गाय के अनन्य भक्त हैं। पिता ने भजन गाये और हनुमान चालीसा का पाठ किया। डॉ. फिरोज खान के पिता रमजान खान ने बुधवार को रामदेव गोशाला में भजन गाये। भजन करते हुए जब उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया तो गोशाला में मौजूद साधु-संत और अन्य लोग खुशी से झुम उठे ।

हालांकि, रमजान खान नियमित रूप से इस गोशाला में भजन गाते रहते हैं, लेकिन बेटे की बीएचयू में नियुक्ति के विरोध के बाद पहली बार बुधवार को उन्होंने यहां पर भजन गाए । यहां मौजूद लोगों ने एक स्वर में फिरोज खान की नियुक्ति पर हो रहे विरोध को गलत बताया और उनका समर्थन किया । उन्होंने कहा केवल धर्म के आधार पर विरोध करना किसी भी तरह से ठीक नहीं है।

बगरू स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल के शिक्षक दिनेश शर्मा ने कहा कि मैंने फिरोज खान को संस्कृत की शिक्षा दी है। वह शुरू से ही संस्कृत पढ़ने में रुचि रखता था । लेकिन, यह दुख की बात है कि अब उसका इस बात को लेकर विरोध हो रहा है । बीएचयू में चयनित होने से पहले जयपुर के संस्कृत कॉलेज में शिक्षक रहे फिरोज खान से संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थी बेहद प्रभावित हैं। कॉलेज के प्राचार्य अर्कनाथ चौधरी ने कहा कि फिरोज ने इसी स्कूल से संस्कृत की उच्च शिक्षा ग्रहण की और फिर यहीं पर शिक्षक भी बना।

फिरोज खान के पिता नियमित गोसेवा करते हैं । बुधवार को जब दैनिक जागरण ने उनसे बात की तो वह रामदेव गोशाला में गायों को गुड खिला रहे थे । उनका मोबाइल फोन गोशाला के चौकीदार ने रिसीव किया और पूछने पर बताया कि रमजान भाई गायों की सेवा कर रहे हैं इसलिए बाद में बात हो सकेगी। बगरू के लोगों का कहना है कि रमजान खान गोसेवा के साथ-साथ ज्योतिष में पूरा विश्वास रखते हैं। उनके घर में भगवान कृष्ण की नियमित पूजा-अर्चना होती है । परिवार के प्रत्येक सदस्य को हनुमान चालीसा कंठस्थ याद है। रमजान खाने ने 'श्याम सुरभि वंदना' पुस्तक लिखी है।

Posted By: Yogendra Sharma