Petrol Diesel Rate : मनीष गोधा, जयपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहा राजस्थान अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए पड़ोसी राज्यों के मुकाबले में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल बेच रहा है। यहां मध्य प्रदेश को छोड़ दें तो अन्य राज्यों के मुकाबले औसतन 6 से 11 रुपए तक महंगा पेट्रोल और डीजल बिक रहा है। इसके चलते सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पम्पों का हाल बेहाल हैंं। कई पेट्रोल पम्प बंद होने की स्थिति में आ गए हैंं। पेट्रोल पम्प डीलर्स एसोसिएशन की मानें तो इस माह के अंत तक सीमावर्ती जिलों के 800-1000 पेट्रोल पम्प बंद होने की स्थिति में आ जाएंगे।

राजस्थान की सीमाएं मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लगती हैंं। राजस्थान के 16 जिले इन राज्यों की सीमाओं से लगते हैंं। इनमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, बीकानेर की सीमाएं पंजाब से चूरू की सीमा पंजाब और हरियाणा से, अलवर, झुंझुनूं की सीमा हरियाणा से धौलपुर की सीमा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से, झालावाड़, मध्य प्रदेश से भरतपुर उत्तर प्रदेश से, अलवर की सीमा दिल्ली से वहीं उदयपुर, राजसमंद, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, जालौर की सीमाएं गुजरात से मिलती है। इनमें एक मध्यप्रदेश को छोड़ दें तो अन्य पांचों राज्यों के मुकाबले राजस्थान में पेट्रोल औसतन 7 से 11 रुपए और डीजल 4 से 10 रूपए तक महंगा है। इसका कारण यह है कि राजस्थान में पेट्रोल पर 38 प्रतिशत और डीजल पर 28 प्रतिशत वैट है। जबकि सभी पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल पर वैट 33 प्रतिशत और डीजल पर 30 प्रतिशत से कम हैं। गुजरात में तो पेट्रोल पर सिर्फ 17 प्रतिशत वैट है, जबकि राजस्थान का इसका दोगुने से भी ज्यादा 38 प्रतिशत वैट है।

वैट की दरों में इस अंतर के चलते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी अंतर है। राजस्थान में जहां पेट्रोल 88 से 90 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है तो मध्य प्रदेश को छोड़कर अन्य पांच राज्यों में इसकी कीमत 71 से 80 रुपए के बीच है। इसी तरह डीजल की कीमत राजस्थान में 81 से 84 रुपए प्रतिलीटर के बीच है तो मध्य प्रदेश को छोड कर अन्य पांच राज्यों में 71 से 80 रूपए के बीच है। मध्यप्रदेश और राजस्थान की वैट की दरों में पांच-पांच प्रतिशत का ही अंतर है।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अघ्यक्ष सुमीत बगई कहते हैं कि राजस्थान में 4600 पेट्रोल पम्प है और इनमें से बड़ी संख्या पम्प सीमावर्ती जिलों में है जिनकी हालत खराब है। अभी तीन महीने से तो सभी की बिक्री बहुत कम थी। अब कुछ सुधार आया है, लेकिन सीमावर्ती जिलों के पम्प बंद होने की स्थिति में हैंं। इस महीने के अंत तक 800 से 1000 पेट्रोल पम्प बंद हो सकते हैंं। उन्होंने बताया कि हम अपनी बात सरकार तक पहुंचा चुके हैंं, लेकिन सरकार के अधिकारी यही कहते हैं कि आर्थिक संकट बहुत ज्यादा है।

दरअसल राजस्थान में सरकार खुद को गम्भीर आर्थिक संकट में बता रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के आंकडे बता रहे हैं कि सरकार की आमदनी में 55 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। सरकार की आय के मुख्य स्रोत पेट्रोल और डीजल है, जिन पर कोरोना संक्रमण के लाॅकडाउन के दौरान तीन बार वैट बढाया गया है। लेकिन इसका असर भी नजर नहीं आ रहा है।

राजस्थान और पड़ोसी 7 राज्यों में वैट की दरें

राज्य पेट्रोल डीजल

राजस्थान 38 प्रतिशत 28 प्रतिशत

मध्यप्रदेश 33 प्रतिशत 23 प्रतिशत

उत्तर प्रदेश 26.80 प्रतिशत 17.48 प्रतिशत

हरियाणा 25 प्रतिशत 16.40 प्रतिशत

गुजरात 17 प्रतिशत 17 प्रतिशत

पंजाब 23.30 प्रतिशत 15.15 प्रतिशत

दिल्ली 30 प्रतिशत 30 प्रतिशत

(राज्यों में लगने वाले सैस व अन्य कर आदि इससे अलग हैं)

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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