जयपुर। राजस्थान में एक तरफ सरकार सियासी संकट से जूझ रही है, वहीं किसान अपनी मांगों को लेकर 21 जुलाई से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ का आरोप है कि सरकार की तरफ से किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में अब 21 जुलाई से सभी तहसील और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी सांवरमल ने कहा कि काफी समय से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के स्तर पर 1100 ज्ञापन देने के बावजूद भी सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही इसलिए मजबूर होकर किसान आंदोलन करने को मजबूर हैं। प्रदेश में फसल कटाई के समय ओलावृष्टि, टिड्डी हमला, आदि कारणें से किसानों की फसल खराब हो गई है। जिसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

सांवरमल ने बताया कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण खरीफ सीजन 2019 में समर्थन मूल्य पर मूंग की मात्र 10 प्रतिशत व मूंगफली की 15 प्रतिशत खरीद हो पाई थी। इसी दौरान ब्याज मुक्त सहकारी ऋण में सरकार ने 50 प्रतिशत से अधिक कटौती कर दी। इसके कारण किसान साहूकारों से ऊंची ब्याज दर पर लेने को मजबूर हुए। किसानों के विद्युत बिलों में दिए जाने वाला 833 रुपए का अनुदान भी अक्टूबर से बंद कर दिया गया। जिससे प्रदेश के किसानों पर आर्थिक भार बढ़ गया।

कोरोना महामारी के कारण सप्लाई चेन टूटने से फसल नहीं बिकने के कारण रबी सीजन की जीरा, धनिया, गेहूं, चना, प्याज, लहसुन की कीमतों में भारी गिरावट और समर्थन मूल्य पर औपचारिक खरीद ने किसानों की हालत खराब कर दी। भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि कोरोना काल में किसानों को भारी नुकसान हुआ है, इसलिए किसानों के 6 महीने के बिजली के बिल माफ किए जाएं. अगर मांगे नहीं मानी जाती हैं तो 21 जुलाई से सभी जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और यदि कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

Raksha Bandhan 2020
Raksha Bandhan 2020