Rajasthan News LIVE : राजस्‍थान में राजनीति में करीब महीने भर से चला आ रहा संकट फिलहाल थम गया है। बगावती तेवर अपनाए बैठे सचिन पायलट अब कांग्रेस की राह चलने को तैयार हैं। राजस्थान विधानसभा सत्र से ठीक पहले हुए राजनीतिक घटनाक्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को पायलट को बुलाकर सीधी बातचीत की। राहुल गांधी के निवास पर करीब दो घंटे से अधिक चली बैठक में पायलट ने अपने साथ बागी विधायकों की वापसी के फॉर्मूले पर हाईकमान से बातचीत की। बैठक की मुख्य सूत्रधार प्रियंका गांधी भी इस दौरान पूरे समय न केवल मौजूद रहीं बल्कि बागियों की वापसी में आ रही अड़चनों को दूर करने में भी खासी सक्रिय दिखीं। वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल-सचिन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने फैसला किया है कि पायलट और असंतुष्ट विधायकों की शिकायतों पर गौर कर उनका उचित हल निकालने के लिए एआइसीसी की तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।

शाम को ऐसे बदला घटनाक्रम

बगावत का रुख अपनाए सचिन पायलट ने सोमवार शाम अपने साथी विधायकों के साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के साथ मुलाकात की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि मैंने जो भी पिछले डेढ़ साल के दौरान महसूस किया उसके बारे में पार्टी आलाकमान को बताया है और मुझे खुशी है कि पार्टी आलाकमान ने हम सबकी बातें सुनी है और समयबद्ध तरीके से उनका निराकरण करने का भरोसा दिलाया है। सचिन पायलट ने कहा इस पूरे मामले के दौरान बहुत सी बातें कही गई मुझे भी बहुत कुछ सुनने को मिला व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि राजनीति में संयम और विनम्रता बनी रहनी चाहिए हमने इसी बात की कोशिश की है।

सचिन पायलट ने कहा की हमारे कुछ मुद्दे थे जो कि गवर्नेंस से जुड़े हुए थे। हमें लग रहा था किन पर काम होना चाहिए वह बातें हमने पार्टी आलाकमान के सामने रखी है। पिछले एक महीने से राजस्‍थान की राजनीति में चल रही हलचल में सोमवार की रात को नया मोड़ आ गया है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार से नाखुश पूर्व उप मुख्‍यमंत्री सचिन पायलट ने मीडिया के सामने बयान देकर नई शुरुआत करने के संकेत दिए हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल पार्टी के 15 जीआरजी रोड वॉर रूम में पहुंचे।

इधर, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बयान जारी किया। इसमें बताया कि सचिन पायलट ने राहुल गांधी से मुलाकात करके विस्तार से अपनी शिकायतें बताई। राहुल और पायलट के बीच में खुलकर और समेकित चर्चा हुई। बताया गया है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी 3 सदस्य कमेटी का गठन करेगी। यह कमेटी पायलट और साथ के विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों के समाधान पर काम करेगी।

सचिन पायलट ने मीडिया से यह कहा

पायलट ने कहा, पिछले कुछ समय से कुछ विधायक दिल्ली में थे, कुछ ऐसे मुद्दे थे जिन पर हम प्रकाश डालना चाहते थे। मैंने वह किया। मैं शुरू से कह रहा हूं कि ये सभी चीजें सिद्धांत पर आधारित थीं। मुझे हमेशा लगा कि पार्टी के हित में इन चीजों को उठाना जरूरी है। कई बातें कही गईं, मैंने बहुत सी बातें सुनीं। जो कुछ कहा गया उससे मैं हैरान था। मुझे लगता है कि हमें हमेशा संयम और विनम्रता बनाए रखना चाहिए। राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष के लिए कोई जगह नहीं है। हमने 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद राजस्थान में सरकार बनाई थी। सोनिया गांधी ने हमारी सभी चिंताओं और शासन के मुद्दों को सुना जो हमने उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा 3 सदस्यीय समिति का गठन एक स्वागत योग्य कदम है। मुझे लगता है कि सभी मुद्दों को हल किया जाएगा। पार्टी हमें पद देती है और वापस भी ले सकती है। मुझे किसी पद की कोई इच्छा नहीं है लेकिन मैं चाहता था कि हमारा स्वाभिमान बरकरार रहे। मैंने अब 18-20 साल के लिए पार्टी में योगदान दिया है। हमने हमेशा उन लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है जिन्होंने सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।

राजनीति में कभी-कभी जहर का घूंट पीना पड़ता है : गहलोत

घटनाक्रम में बदलाव को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने खेमे के विधायकों से कहा कि राजनीति में कभी-कभी जहर का घूंट पीना पड़ता है। कई बार दिल पर पत्थर रखकर फैसले करने पड़ते हैं। सोमवार को जैसलमेर से जयपुर रवाना होने से पहले गहलोत ने अपने विश्वस्त मंत्रियों व विधायकों के साथ विचार-विमर्श किया। इससे पहले रविवार शाम को हुई बैठक में विधायकों का कहना था कि बागियों को कभी वापस नहीं लिया जाना चाहिए।

विधायकों की जयपुर वापसी

हाईकमान से मुलाकात के कुछ घंटे बाद ही पायलट समर्थक विधायकों के हरियाणा के मानेसर स्थित होटल से जयपुर लौटने की तैयारी शुरू हो गई। पायलट गुट के एक विधायक ने जयपुर में अशोक गहलोत से मुलाकात कर बागियों की सुलह को लेकर गंभीरता का संदेश दिया।

पायलट ने भेजा था हाईकमान को संदेश

पार्टी सूत्रों के अनुसार पायलट ने दो दिन पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के जरिये हाईकमान को सुलह का सकारात्मक संदेश भेजा। हाईकमान भी कांग्रेस के मौजूदा संक्रमण के दौर में सिंधिया के बाद पायलट जैसे लोकप्रिय नेता को पार्टी से बाहर नहीं जाने देना चाहता। इसीलिए राहुल-प्रियंका ने तत्काल सचिन से वार्ता का फैसला किया। पायलट का गांधी परिवार से करीबी रिश्ता रहा है और पूरे संकट के दौरान उन्होंने हाईकमान के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। इसीलिए गांधी परिवार ने भी पायलट को लौटने के बाद उनकी प्रतिष्ठा बरकरार रखने का वादा कर गतिरोध खत्म करने की राह बनाई।

Posted By: Navodit Saktawat

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