जयपुर। Rajasthan Panchayat Election 2020 : राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए शुक्रवार को अच्छी सर्दी के बावजूद लोगों ने उत्साह के साथ मतदान किया। छुटपुट घटनाओं को छोड़़कर मतदान आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा। प्रारम्भिक अनुमानों के अनुसार पहले चरण में करीब 80 प्रतिशत मतदाताओंं ने वोट डाले। मतदान के तुरंत बाद मतगणना भी हुई, जिसके नतीजे देर रात तक आ रहे थे। सर्दी और बारिश के बावजूद मतदान कराने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समर्पित मतदान कर्मियों की तारीफ की। अब शनिवार को इन सभी पंचायतों में उपसरपंच का चुनाव होगा।

राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को 2726 ग्राम पंचायतों के सरपंच और 26800 वार्डों के पंच चुनने के लिए वोट डाले गए। शुक्रवार को सुबह 8 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चला। राजस्थ्ज्ञान में इन दिनों सर्दी चरम पर है और ग्रामीण इलाकों में सर्दी वैसे भी तेज रहती है। इसके बावजूद ग्रामीणो ने बढ चढ कर मतदान किया। पहले दो घंटों में मतदान कुछ धीमा रहा और करीब आठ प्रतिशत, लेकिन दिन चढने के साथ ही मतदान प्रतिशत भी बढ़ता गया।

दोपहर बाद तीन बजे तक 55 प्रतिशत वोट पड़ चुके थे और शाम पांच बजे तक करीब अस्सी प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। स्थानीय स्तर का चुनाव होने के कारण एक-एक वोट कीमती था। यही कारण रहा कि मतदान के लिए प्रत्याशियों ने भी पूरा जोर लगा रखा था। गांव के ही नहीं बल्कि गांव के वे लोग जो बाहर चले गए है, उन्हें भी मतदान के लिए बुलाया गया और आस-पास के शहरों तक प्रत्याशियोंं गाडि़यां दौड़ती नज़र आईं।

पहली बार EVM से चुना गया सरपंच- राजस्थान में पहली बार ईवीएम से सरपंच का चुनाव हुआ। प्रथम चरण के चुनाव में 11 हजार से ज्यादा ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए गए। कुछ स्थानों पर ईवीएम में गडबडी के कारण चुनाव प्रक्रिया देर से शुरू हुई, लेकिन बहुत ज्यादा गडबडियां सामने नहीं आई। चुनाव के दौरान मशीनों में किसी भी तरह की परेशानी आने पर प्रत्येक जिले में भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रोनिक्स काॅरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के इंजीनियर्स को हर समय उपलब्ध रहने को पाबंद किया गया था।

दो मतदान कर्मियोंं की मौत

राजस्थान के करौली में पंचायत चुनाव ड्यूटी पर जा रहे मतदान कर्मी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मतदानकर्मी रामसिंह को पंचायत चुनाव में पीओ के पद पर तैनात किया गया था। वह गुरुवार को राजकीय महाविद्यालय से मतदान दल के साथ चुनाव ड्यूटी के लिए सपोटरा के बाजना प्रथम मतदान केंद्र के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें करौली चिकित्सालय में भर्ती कराया। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने राम सिंह को मृत घोषित कर दिया। रामसिंह जाटव टोडाभीम के लपावली विद्यालय में व्याख्याता के पद पर तैनात थे।

इसी तरह भीलवाडा के बिजोलिया के लक्ष्मी खेड़ा मतदान केंद्र पर नियुक्त सहायक मतदान अधिकारी रतन लाल बुनकर की शुक्रवार सुबह तबियत बिगड़ने से मौत हो गई। घटना के बाद जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र भट्ट ने चुनाव ड्यूटी पर मृत्यु होने पर मृतक कार्मिक के परिजनों को 20 लाख की त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान कर संवेदनाएं व्यक्त की। रतन लाल बुनकर कोटड़ी पंचायत समिति के गेगा खेड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में तृतीय श्रेणी अध्यापक के पद पर कार्यरत थे।

फर्जी मतदान की शिकायत- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा पंचायत समिति की चीलपुरा ग्राम पंचायत में फर्जी मतदान की शिकायत सामने आई। लोगों ने आरोप लगाया कि पोलिंग बूथ पर मौजूद एक कार्मिक ने फर्जी मतदान कराया है। ग्रामीणों ने मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाकर मतदान निरस्त कराने की मांग की साथ ही धीमी गति से चल रही मतदान प्रक्रिया के चलते मतदान बहिष्कार की भी चेतावनी दे डाली। प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जिस कार्मिक पर आरोप लगाया गया उसे भी मौके से हटा दिया।

पुलिसकर्मी से मारपीट- वहीं सीकर जिले के अजीतगढ़ पंचायत समिति के पीथलपुर ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर एक मतदाता ने पुलिसकर्मी से मारपीट कर डाली। वोट डालने आया एक युवक अभद्रता कर रहा था। इस दौरान जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो युवक पुलिसकर्मियों से उलझ गया और कांस्टेबल से हाथापाई करते हुए उसकी वर्दी तक फाड़ दी। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।

बंदरों और नीलगायों से परेशान ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया

कोटा जिले में आरामपुरा ग्राम पंचायत के भोजपुरा गांव में ग्रामीणों ने बंदरों और नीलगाय की समस्या का समाधान नहीं होने के कारण मतदान का बहिष्कार किया। वहीं भरतपुर के कामां पंचायत की भौरी ग्राम पंचायत में मतदान के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। जिसके बाद मतदान केंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

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भरतपुर जिले के बमनवाड़ी में लोगों को बारिश के कारण भरे पानी के बीच मतदान करना पड़ा। वहीं दीदावली पोलिंग बूथ पर महिलाएं गीत गातें हुए मतदान करने पहुंची। चित्तौड़गढ़ की आसावरा माता पंचायत में गांव के लोग बस में भरकर मतदान करने पहुंचे।

97 साल की महिला भी चुनाव मैदान में-

सरपंच चुनाव में राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना में पुराना बास गांव में 97 साल की विद्या देवी भी सरपंच पद के लिए मैदान में थी। उन्होंने छड़ी के सहारे गांव में घूम-घूमकर वोट मांगा। शुक्रवार सुबह मतदान केंद्र पर वोट करने के बाद गांव-ढाणियों में घर-घर दस्तक देती नजर आई। इसी गांव में 55 साल पहले उनके पति स्वर्गीय मेजर शिवराम सिंह को ग्रामीणों ने निर्विरोध सरपंच बनाया था. वहीं उनके ससुर सूबेदार सेडूराम भी 20 साल सरपंच रहे थे। विद्या देवी स्वच्छता, स्वच्छ पानी एवं विधवा पेंशन जैसे मुद्दों पर चुनाव मांग रही थी।

Posted By: Navodit Saktawat

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