Rajasthan के हस्तशिल्प उत्पाद कुछ समय बाद Flipkart, Amazon जैसी Online कम्पनियों से भी खरीदे जा सकेंगे। राजस्थान का उद्योग विभाग इसकी सम्भावनाएं तलाश रहा है। राजस्थान के उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा है कि प्रदेश के हस्तशिल्प और हस्तकला उत्पादों को देश-विदेश में बाजार उपलब्ध कराने के लिए Online मार्केटिंग संस्थाओं के सहयोग व समन्वय से संभावनाओं को तलाशा जाएग ताकि राजस्थान के विश्वप्रसिद्ध उत्पादों को बाजार मिल सके और इनसे जुड़े शिल्पियों, बुनकरों, कारीगरों और दस्तकारों को ई प्लेटफार्म उपलब्ध होने के साथ ही उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य प्राप्त हो।

उन्होंने बताया कि इस बारे में जानी मानी Online मार्केटिंग संस्था फ्लिपकार्ट ने विभाग से सम्पर्क भी किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने बताया कि फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स संस्थाओं से जुड़ने से मार्केटिंग प्लेटफार्म उपलब्ध हो सकेगा।

फ्लिपकार्ट के सरकारी संस्थाओं से उत्तरी भारत के समन्वय निदेशक प्रभारी तुषार मुकर्जी ने बताया कि झारखण्ड, दक्षिण के प्रदेशों के साथ ही यूपी सहित कई प्रदेशों ने खादी व अन्य उत्पादों को ऑनलाईन प्लेटफार्म पर उत्पादों को प्रदर्शित व बिक्री के लिए फ्लिपकार्ट से एमओयू किया है।

यहां देखें हैंडक्राफ्ट के नाम

राजस्थान में खादी एवं ग्रामोद्योग, बुनकर संघ, राजसिको, राजस्थान हैण्डलूम डवलपमेंट कारपोरेशन, रुडा आदि संस्थाएं प्रदेश के बुनकरों, कतिनों, खादी ग्रामोद्योग उत्पादों, हस्तशिल्पियों और हस्तकलाओं के संवर्द्धन व मार्केटिंग में सहयोग कर रही है। इन संस्थाओं की दुकानों के जरिए हस्तिशल्पियों और बुनकरों का सामान बेचा जाता है, लेकिन राजस्थान के कई उत्पाद जैसे ब्लू पाॅटरी, कोटा डोरिया साड़िया, बगरु-सांगानेरी, बाडमेरी चादरें, खेस, बीकानेर-जैसलमेर-बाडमेर के उनी वस्त्र, बाडमेर की एम्ब्रायडरी, दरियां, पट्टियां, खादी के परिधान, ग्रामोद्योग उत्पादों आदि के साथ ही जेम-ज्वैलरी, डेकोरेटिव आइटम, मिट्टी-मारबल, लाख की चूडियां व अन्य सामान आदि की देश विदेश में अच्छी मांग है।

Posted By: Navodit Saktawat