भोपाल (मध्यप्रदेश)। बोहरा समाज के धर्मगुरू सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के हुक्म के मुताबिक बोहरा समाज ने सामाजिक सरोकार की नई मिसाल पेश की है। समाज ने फोस्टरशिप प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत समाज के संपन्न लोग गरीब घरों को गोद लेकर उनकी हर जरूरत पूरी कर रहे हैं।

सैयदना साहब की राजधानी से रवानगी के बाद शुरू हुए इस प्रोगाम के तहत शाहजहांबाद स्थित काली बस्ती में जर्जर मकानों में रह रहे समाज के 40 परिवारों को किराए के अच्छे मकानों में ठहरा दिया गया है। इन्हें स्थाई मकान निःशुल्क देने के लिए एक प्रोजेक्ट लाया जा रहा है।

फोस्टरशिप प्रोगाम में जामिया सैफिया और जामिया बुरहानिया मदरसे के छात्रों को सर्वे कर समाज की जरूरतों का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। सर्वे में लोगों की जो जरूरतें सामने आ रही हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बोहरा समाज अपनी संस्था के जरिए समाज के लोगों की आर्थिक मदद करता आया है, लेकिन अब सैयदना साहब ने समाज के लोगों को हुक्म दिया है कि वह संस्था के भरोसे न रहें, बल्कि अपने भाइयों की खुद मदद करें। सैयदना साहब ने इस कार्यक्रम को फोस्टरशिप प्रोगाम नाम दिया है, जिसका अर्थ पालन-पोषण है।

बच्चों की फीस भरने आगे आ रहे लोग

फोस्टरशिप प्रोगाम लागू होने के बाद समाज के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। संपन्न बोहरा बंधुओं ने करीब 50 स्कूली बच्चों की फीस भरने की जिम्मेदारी ले ली है। इनके माता-पिता कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण स्कूल की फीस जमा नहीं कर पा रहे थे।

दिलवाए गैस कनेक्शन

सर्वे के दौरान विद्यार्थी कुछ ऐसे घरों में गए जहां लोगों के पास गैस चूल्हा नहीं था। वह लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते थे। ऐसे करीब 10 घरों को गैस कनेक्शन दिलवा दिया गया है। इसके अलावा लोगों को गीजर, वाशिंग मशीन, फ्रीज आदि भी दिलवाए जा रहे हैं। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन दिलवाई जा रही है।

हेल्थ और एजुकेशन फोस्टरशिप भी

फोस्टरशिप में आर्थिक मदद के साथ स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए भी मदद की जा रही है। सैयदना साहब ने समाज के धर्मावलंबियों को निर्देश दिए हैं कि वह बीमार लोगों का इलाज कराएं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें अस्पताल लेकर जाएं। जो लोग शिक्षित हैं, वह दूसरे लोगों को पढ़ाई में मदद करें। इस तरह फोस्टरशिप हर क्षेत्र में करवाई जा रही है।

आर्थिक रूप से संपन्न करना मकसद

बोहरा समाज के प्रवक्ता हकीमुद्दीन सैफी ने बताया कि फोस्टरशिप का मकसद यह है कि गरीब लोगों की मदद कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए, ताकि वे दूसरों की मदद कर सकें। अब्बास बहादुर ने बताया कि मरहूम सैयदना बुरहानुद्दीन साहब ने हमेशा फोस्टरशिप पर जोर दिया। अब सैयदना मुफद्दल साहब ने इसे शुरू करवाया है।

उन्होंने बताया कि भोपाल में आमिल मुस्तफा भाई साहब नौमानी की अध्यक्षता में पोस्टरशिप कार्यक्रम चल रहा है। सैयदना साहब ने फरमाया है कि फोस्टरशिप का कान्सेप्ट कुरआन से लिया गया है, जिसमें बताया गया है कि अपने भाइयों की मदद सिर्फ इसलिए की जाए कि अल्लाह ने इसका हुक्म दिया है। जिसकी मदद की जाए उससे बदले में किसी चीज की आशा न रखी जाए।

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