उज्जैन। मंगलग्रह की जन्म स्थली कहे जाने वाले मंगलनाथ मंदिर में 1 जनवरी से आधुनिक रसीद काउंटर की शुरुआत होगी। भक्तों को भातपूजा की कम्प्यूटराइज्ड रसीद मिलने लगेगी। फिलहाल मंदिर में भातपूजा की मैन्युअल रसीद काटी जाती है। पारदर्शी व्यवस्था के लिए मंदिर प्रशासन तैयारी कर रहा है। मंदिर प्रशासक नरेंद्रसिंह राठौर ने बताया मंदिर के समीप आधुनिक रसीद काउंटर बनकर तैयार है। मंदिर समिति के पास वर्तमान में एक कम्प्यूटर ऑपरेटर है। समिति एक और ऑपरेटर की भर्ती कर रही है। इस प्रक्रिया में एक सप्ताह का समय लगेगा। एक ओर ऑपरेटर की भर्ती के बाद कम्प्यूटरीकृत काउंटर शुरू कर दिया जाएगा।

बता दें मंगलनाथ मंदिर में प्रतिदिन भक्त भातपूजा कराने आते हैं। भक्तों को भातपूजा कराने के लिए शास. रसीद कटवाना अनिवार्य है। फिलहाल मैन्यूअल रसीद काटी जा रही है। भातपूजा का नया रिकॉर्ड बनने की संभावना: मंगलनाथ मंदिर में देश विदेश से भक्त भातपूजा कराने आते हैं। मंगलवार के अलावा अवकाश के दिनों में देशभर से बड़ी संख्या में भक्त महामंगल के दरबार में भातपूजा कराने आते हैं। साल के आखिरी तीन दिन मंदिर में भातपूजा कराने वालों की अत्यधिक भीड़ रहेगी। पुजारियों के अनुसार इन दिनों में भातपूजा का नया रिकॉर्ड बन सकता है। वजह 29 दिसंबर को रविवार, 30 दिसंबर को सोमवार तथा 31 दिसंबर को साल का आखिरी मंगलवार है। ऐसे में बड़ी संख्या में भक्तों के मंदिर आने का अनुमान है। मंदिर प्रशासन भी इसको लेकर तैयारी कर रहा है।

26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण

दोपहर बाद होगी भातपूजा मंदिर प्रशासक के अनुसार 26 दिसंबर को पौषी अमावस्या पर सूर्य ग्रहण है। मंदिर की परंपरा अनुसार ग्रहण के वेध्ाकाल में लिंग का स्पर्श नहीं होता है। ऐसे में 25 दिसंबर को मध्यरात्रि के बाद से 26 दिसंबर को सुबह 11 बजे ग्रहण मोक्ष तक मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। इसके बाद मंदिर को धोकर शुद्ध किया जाएगा। पश्चात मंगला आरती कर दोपहर करीब 12.30 बजे भातपूजा का क्रम शुरू होगा।

महाकाल मंदिर में बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की संख्या

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में साल के आखिरी सप्ताह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। रविवार को छुट्टी का दिन होने से बड़ी संख्या में भक्त राजाधिराज के दर्शन करने मंदिर पहुंचे। मंदिर प्रशासन के अनुसार 5 जनवरी तक लगातार दर्शनार्थियों की संख्या में इजाफा होगा। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी होमगार्ड की प्लाटून कमांडर रूबी यादव ने बताया 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक मंदिर में भक्तों की सर्वाधिक संख्या रहेगी। इसे देखते हुए दर्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।

अगर भीड़ अधिक रही, तो भक्तों को गणेश मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने भीड़ की स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश पर रोक लगा दी है। 31 दिसंबर व 1 जनवरी को भस्मारती दर्शन के लिए ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था को ब्लॉक कर दिया गया है। दर्शनार्थियों को फैसिलिटी सेंटर के समीप स्थित भस्मारती बुकिंग काउंटर से ऑफलाइन अनुमति मिलेगी। साल के पहले दिन मंदिर के अन्न्क्षेत्र में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को मालवी व्यंजन का स्वाद चखने को मिलेगा। भक्तों को लड्डू बाफले परोसे जाएंगे।

Posted By: Yogendra Sharma

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