श्रीनगर। आतंकी खतरे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।, लेकिन शुक्रवार को हारि पर्वत स्थित मां शारिका भवानी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान अमरेश्वर की पवित्र छड़ी मुबारक की पूजा की गई। इसके बाद छड़ी मुबारक विश्रामस्थल दशनामी अखाड़ा लौट गई।

गौरतलब है कि मां शारिका भवानी को श्रीनगर की ईष्ट देवी माना जाता है और वह हारि पर्वत पर एक शिलारूप में विराजमान हैं। माता को त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है। महंत दीपेंद्र गिरि ने वैदिक मंत्रोधाारण के साथ मां शारिका भवानी की पूजा की।

करीब एक घंटे तक छड़ी मुबारक हारि पर्वत पर रही, उसके बाद अपने विश्राम स्थल लौट गई। महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि पौराणिक काल से भगवान अमरेश्वर की पवित्र गुफा के लिए रवाना होने से पूर्व छड़ी मुबारक की श्रावण मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन मां शारिका भवानी मंदिर में पूजा की परंपरा चली आ रही है। यह धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।

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Posted By: Yogendra Sharma

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