रायपुर। संसार में रहकर हमें खुद को भी संभालना है। जानते हैं कि हम अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। लोग कहते हैं कि धर्म क्यों करना, धर्म क्या हमें खाने देगा, पैसा देगा। अमीर का बेटा या राजा का बेटा व्यसन में लिप्त हो, शराब पीया हो उसे उठाकर घर लाना पड़े फिर वह राजा का बेटा सम्मान के लायक नहीं रह जाता, इसलिए पाप कर्मों से खुद को अलग रखना चाहिए। धर्म के नाम पर गलत करोगे तो समाधि बिगड़ जाएगी। यह संदेश दिगंबर जैन मंदिर फाफाडीह में मुनि प्रसम सागर ने दिया।

उल्टे-सीधे काम करके पैसा न कमाएं

लोगों को लगता है कि उल्टे-सीधे काम करके ही पैसा आता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पैसा तो चोर और भ्रष्टाचारी के पास भी होता है। लेकिन क्या वो शांत जीवन व्यतीत करते हैं। दोनों को हमेशा पकड़े जाने का भय लगा रहता है। ईमानदारी से कमाने वाला सुखी रहता है। उसे छापे का या गिरफ्तार होने का डर नहीं रहता। एक उदाहरण देकर बताया कि भले ही आप प्रसिद्ध व्यक्ति हों, सभी आपका बहुमान करते हों, लेकिन घर में माता-पिता और पत्नी, बच्चे बहुमान ना करें तो क्या संतुष्टि होगी। आपके पास जो धन-दौलत, प्रापर्टी है, परिवार है वह भी आपको मोक्ष नहीं दिला सकते। आपके अच्छे कर्म ही आपको मोक्ष के मार्ग पर ले जाएंगे। आप में क्षमता नहीं है तो प्रयत्न करते रहो। सफल होने के लिए क्षमता उत्पन्न करनी पड़ेगी।