पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एक हादसा हुआ है। तीनतोला के पास सड़क निर्माण के लिए किए गए बारूदी विस्फोट से विशाल चट्टान सड़क पर आ गई, जिससे यातायात बंद हो गया। इसी दौरान सीमा सड़क संगठन (BRO) के बुलडोजर ऑपरेटर की काली नदी में गिरने से मौत हो गई। ऑपरेटर एक बच्चे को रास्ता पार करवा रहा था। बता दें, कैलास यात्रियों का 58 सदस्यीय पहला दल तिब्बत के तकलाकोट पहुंच गया है। गुरुवार को इस दल ने तिब्बत में प्रवेश किया था। यात्रियों का दूसरा दल गुंजी में हैं और यहां सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। तीसरा दल अल्मोड़ा से धारचूला पहुंच चुका है।

जानकारी के मुताबिक, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर धारचूला से गर्बाधार के बीच बीआरओ मार्ग चौड़ीकरण का काम कर रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को तवाघाट से आगे तीनतोला के पास चट्टान तोड़ने के लिए बारूदी विस्फोट किया गया था। विस्फोट के बाद एक भारी चट्टानें खिसक कर सड़क पर आ गई थी। रास्त बंद हो गया और पांगला से लेकर गर्बाधार, मांगती, गाला, जिप्ती सहित उच्च हिमालयी व्यास घाटी का संपर्क कट गया।

इसलिए बढ़ी चिंता: शनिवार को इसी रास्ते से तीसरे कैलास मानसरोवर यात्रा दल को यात्रा पर जाना है। ऐसे में मार्ग बंद होने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच BRO द्वारा मलबा हटाए जाने का काम लगातार चल रहा है। इसी दौरान तवाघाट में तैनात बुल्डोजर ऑपरेटर केरल निवासी कुंजू (55) मथाई बुलडोजर लेकर तीनतोला पहुंचा। यहां पर वह सड़क पर आई चट्टानों पर चढ़ कर दूसरी तरफ निकल गया। इस दौरान यहां पर फंसे एक बच्चे को पत्थरों से होकर दूसरी तरफ ले जाने लगा तो पैर फिसल जाने से काली नदी में बह गया। BRO के कर्मचारियों को छह घंटे की मशक्कत के बाद लगभग आधा किमी दूर उसका शव मिला।

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