भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर राज्य सरकार ने मंदिर परिसर विस्तार और विकास की योजना बनाई है। इस योजना पर 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना 30 सितंबर तक अंतिम रूप लेगी।

इसके साथ ही सरकार 38 साल पुराने महाकाल मंदिर प्रबंधन कानून में भी संशोधन करने जा रही है। कानून में 14 संशोधन प्रस्तावित किए हैं। इनके जरिए प्रबंधन कमेटी में क्षेत्रीय विधायक अपने प्रतिनिधि नामांकित कर सकेंगे। कानून में संशोधन कर सरकार कमिश्नर और कलेक्टर के अधिकार भी बढ़ाने जा रही है। साथ ही विकास कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए राज्य शासन तक रिपोर्टिंग सिस्टम भी विकसित करने जा रहा है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रालय में बैठक आयोजित हुई। इसमें बताया गया कि महाकाल मंदिर में पिछले वित्तीय वर्ष (2018-19) में 52.24 करोड़ रुपए की चढ़ोतरी आई है। साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए महाकाल मंदिर परिसर का विस्तार किया जा रहा है। इस पर अंतिम फैसला मंत्रियों की त्रि-स्तरीय सदस्य समिति लेगी। समिति में उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, अध्यात्म मंत्री पीसी शर्मा और नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह सदस्य होंगे। कानून में संशोधन का प्रस्ताव इसी माह कैबिनेट में लाया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि विकास कार्यों की समयसीमा निर्धारित की जाए। इन कार्यों की मॉनीटरिंग मुख्य सचिव करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महाकाल के कारण विश्व में मप्र की पहचान है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं की जाएं कि श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के बाद एक-दो दिन उज्जैन में रुकें। इसमें महाकाल मंदिर से जुड़ी पौराणिक गाथाएं और अन्य आकर्षण भी शामिल किए जाएं। नाथ ने साफ कहा कि विस्तार और व्यवस्था में सुधार के दौरान मंदिर के मूल ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। इस दौरान महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष सहित अन्य पुजारियों ने मुख्यमंत्री नाथ को सम्मानित किया। बैठक में उज्जैन जिले के विधायक मनोज चावला, महेश परमार, मुरली मोरवाल सहित अन्य उपस्थित थे।

लोगों से राय लेगी समिति

महाकाल मंदिर के विस्तार और सुविधाएं बढ़ाने पर अंतिम फैसला लेने के लिए गठित समिति महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों, जनप्रतिनिधियों से चर्चा भी करेगी। मुख्यमंत्री ने समिति को अगले तीन दिन में बैठक करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 सितंबर तक मंदिर की विकास योजना तैयार कर काम शुरू करें।

नंदी हॉल का विस्तार करेगी सरकार

महाकाल मंदिर के प्रस्तावित विकास में श्रद्धालुओं की सुविधा का बेहतर तरीके से ध्यान रखा जाएगा। इसमें प्रवेश-निर्गम की व्यवस्था दुरस्त करने के साथ नंदी हॉल का विस्तार भी शामिल है। सरकार फ्रंटियर यार्ड, महाकाल थीम पार्क, महाकाल हैरिटेज कॉरीडोर, वर्केज लॉन पार्किंग का विस्तार करेगी। जबकि दूसरे चरण में सरकार मंदिर परिसर में कुंभ संग्रहालय बनाएगी। इसमें सिंहस्थ के अलावा नासिक, इलाहाबाद, हरिद्वार में प्रत्येक 12 साल में आयोजित होने वाले कुंभ स्नान की प्रतिकृति तैयार की जाएगी। इसमें कुंभ से जुड़ी मान्यताओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अलावा महाराज वाड़ा, कॉम्प्लेक्स, महाकाल से जुड़ी विभिन्न कथाओं का प्रदर्शन, अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, रुद्रसागर की लैंड स्कैपिंग, रामघाट मार्ग का सौंदर्यीकरण, पर्यटन सूचना केंद्र, रुद्र सागर झील का पुनर्जीवन, हरि फाटक पुल, यात्री एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण भी किया जाएगा।

Posted By: Rahul Vavikar

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