कुंभनगर। राजनीतिक दल हों या संत-महात्मा, श्रीराम के नाम पर सभी उद्वेलित हैं। राजनीति ही राम मंदिर की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है, जिसे खत्म करने की जरूरत है।

किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने शुक्रवार को पत्रकारों से यह बातें कहीं। आचार्य ने कहा कि चुनाव आने पर ही हिदूवादी संगठनों को राम मंदिर की याद आती है और वे धर्म संसद आयोजित करते हैं।

चुनाव के बाद सभी भूल जाते हैं, जिससे सालों से रामलला टाट में बैठे हैं। श्रीराम किन्नरों के हैं। राम जब वनवास गए थे तो हमारे पूर्वजों ने तमसा नदी के किनारे 14 साल खड़े रहकर उनका इंतजार किया था। इसलिए हम ही राम का मंदिर बनाएंगे।

आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि अभी कल्पवास चल रहा है, इसलिए हम कहीं जा नहीं सकते। चार मार्च को कल्पवास खत्म होने के बाद सैकड़ों किन्नर अयोध्या कूच करेंगे और राम मंदिर निर्माण की नींव रखेंगे। इसके लिए अपना रक्त बहाना पड़ा तो भी पीछे नहीं रहेंगे। कहा कि राम मंदिर निर्माण की दिशा में वह जल्द राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग करेंगी।

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