रवि उपाध्याय, कुंभनगर। मौनी अमावस्या के शाही स्नान पर अखाड़ों का वैभव पूरी रंगत में दिखा। रथों पर सवार संतों ने शाही अंदाज में पहुंचकर संगम में डुबकी लगायी। कई संतों के रथ पर सुरक्षा का भी तामझाम था। पुलिस की घेराबंदी में कई बड़े संत संगम तक पहुंचे। इनके भक्त भी इनको चारों ओर से घेर कर चल रहे थे। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के पास पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं में सबसे ज्यादा क्रेज था।

अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद के साथ भी भक्तों की पूरी एक फौज थी। उनको भी सुरक्षा कर्मी कवर करसंगम तक लेकर आए। किन्नर अखाड़े के स्नान को देखने के लिए भी तो सभी को बहुत उत्सुकता थी। उस समय पूरा संगम नोज सुरक्षाकर्मियों से पटा हुआ था। श्रद्धालु भी पूरी शिद्दत के साथ डटे हुए थे। सोमवार को शाही स्नान सुबह पौने छह बजे शुरू हो गया।

हालांकि, महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े को सुबह सवा छह बजे संगम में डुबकी लगाने पहुंचना था। लेकिन इस अखाड़े के संत एवं महामंडलेश्वर समय से पहले ही पहुंच गए। इस अखाड़े को सबसे पहले संगम में स्नान करना था। जैसे ही यह अखाड़ा सेक्टर 16 के अपने शिविर से रवाना हुआ शाही पथ एवं शाही घाट से सबको हटा दिया गया। अखाड़े के ध्वज को आगे कर नागा संन्यासी एवं पदाधिकारी आगे-आगे चले।

इनके स्वागत के लिए संगम नोज पर प्रशासनिक अफसरों की पूरी टीम वहां मौजूद थी। अखाड़े के सचिव महंत रवीन्द्र पुरी के नेतृत्व में संतों ने संगम में डुबकी लगायी। अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विष्णकांतानंद स्वामी हरिश्चंद्र पुरी अमरीका, स्वामी महेशानंद अस्ट्रिया स्वामी शिवपुरी एवं अटल अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद ने पूरी शानोशौकत के साथ डुबकी लगायी।

इसके बाद पौ फटते ही सात बजे के करीब निरंजनी अखाड़ा के नागा संन्यासी पूरे दमखम के साथ अपने शिविर से निकले। रथों पर सवार होकर महामंडलेश्वर जब संगम नोज पर पहुंचे तो वहां हर-हर गंगे के नारे लगने शुरू हो गए। निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत नरेंद्र गिरि एवं महंत रवीन्द्र पुरी, आनंद गिरि के नेतृत्व में हजारों नागा संन्यासी, महामंडलेश्वरों ने संगम में डुबकी लगाई। इस अखाड़े के साथ केंद्रीय मंत्री महामंडलेश्वर निरंजन ज्योति भी संगम तक एक आम संत की तरह पहंची। अखाड़े आचार्य महामंडलेश्वर बालकांनद के साथ भक्तों ने संगम में स्नान करके पुण्य लाभ लिया।

जूना का स्नान देखने को टूटी भीड़

जूना अखाड़ा का शाही स्नान पूरे वैभव के साथ हुआ। हजारों की संख्या में नागा संन्यासी को देखने के लिए लाखों की भीड़ संगम तट पर डटी थी। नागा संन्यासी भी विभिन्न मुद्राओं में करतब करते हुए आगे चले। लोगों का आशीर्वाद देते हुए सब आगे बढ़ते चले।

इसी अखाड़े में आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के दर्शन का क्रेज भी सबसे ज्यादा दिखा। वे सबसे बड़े रथ पर सवार होकर पहुंचे। उनके पीछे महामंडलेश्वर पंचानन गिरि, यतीन्द्रानंद गिरि, अग्नि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर रामकृष्णानंद, महामंडलेश्वर कैलाशानंद भी पूरे वैभव के साथ पहुंचे। इस अखाड़े के साथ जापानी महिला महामंडलेश्वर कोका आइकोवा भी थीं। इसी अखाड़े के साथ किन्नर अखाड़े ने भी स्नान किया। महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के साथ सबने डुबकी लगायी।

वैरागी और उदासीन अखाड़े की शाही यात्रा में दिखी पूरी भव्यता

वैरागी एवं उदासीन अखाड़ों की शाही यात्रा पूरी भव्यता के साथ संगम पर पहुंची। वैरागी के निर्मोही, दिगंबर एवं निर्वाणी अखाड़े के साथ करीब एक लाख संत एवं महामंडलेश्वर श्री महंत राजेंद्रदास, धर्मदास, व्यास मुनि, देवेन्द्र शास्त्री, कंप्यूटर बाबा के साथ पहुंचे। अखाड़े के साथ सैकड़ों विदेशी भक्तों ने भी डुबकी लगायी। नया पंचायती उदासीन व बड़ा पंचायती अखाड़ा, निर्मल अखाड़े ने सबसे बाद संगम में डुबकी लगायी।

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