Solar Eclipse 2020: सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) को लेकर पूरे देश में उत्सुकता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेताया है कि लोग ग्रहण के दौरान नंगी आंखों से सूर्य की ओर न देखें। इससे आंखों का नुकासन हो सकता है।साथ ही एक्सरे फिल्म और साधारण काले चश्मे से देखने पर भी आंखों को नुकसान हो सकता है। यहां तक कि पानी में सूर्य का प्रतिबिंब देखने से भी आंखें खराब होने का खतरा है। इस बार में दिल्ली और मुंबई स्थित नेहरू तारामंडल से लोगों को जानकारी दी गई है। दिल्ली स्थिति नेहरू तारामंडल ने लोगों को विशेष चश्में भी बांटे गए हैं, जिनकी मदद से वे सूर्य ग्रहण के गवाह बन सकते हैं। इसके अलावा मिरर इमेज से भी सूर्य ग्रहण देखा जा सकता है। वहीं ज्योतिष के अनुसार Surya Grahan के बाद का समय भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। जानिए सूर्य ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, Surya Grahan के दौरान दान करने से लाख गुना पुण्य मिलता है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद सबसे पहले स्नाना करना चाहिए। यदि नदी में स्नान करने का मौका मिले तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता। इसके बाद अपने घर के मंदिर में प्रवेश करें और भगवान को स्नान करवाएं। घर में गौमूत्र का छिड़काव करें। भगवान को जिस जल से स्नान करवा रहे हैं, उसमें गंगा जल मिला लें। सभी मूर्तियों को अच्छी तरह मंत्रोच्चार करते हुए स्नान करवाएं।

इसके बाद ही रसोई घर में प्रवेश करें। वहां रखी सभी चीजों पर भी पवित्रीकरण मंत्र बोलते हुए जल छिड़कें। Surya Grahan के दौरान किसी चीज का सेवन न करें। वहीं Surya Grahan के बाद पूरी शुद्धता के साथ भोजन बनाए और ब्राह्मणों को खिलाएं या दान करें। इससे पुण्य मिलता है। घर के आंगन में तुलसी का पौधा है, तो उसे भी शुद्धिकरण के बाद जल चढ़ाएं। गाय को रोटी खिलाने से भी पुण्य मिलता है। इसके अलावा ज्योतिष में बताया गया है कि राशि के हिसाब से कौन-कौन सी वस्तुएं दान करने से पुण्य मिलता है। वैसे अनाज के साथ ही तील और वस्त्र दान करने का बड़ा महत्व है।

Surya Grahan के बाद इन बातों का रखें ध्यान

  • सूर्य ग्रहण के बाद बिना स्नान किए पूजा घर या रसोई घर में प्रवेश ना करें।
  • सूर्य ग्रहण की काली छाया से भगवान को बचाने के लिए जो पर्दा किया है, उसे स्नान के बाद ही खोल लें।
  • संभव हो तो स्नान के तक्काल बाद पूजा घर समेत पूरे घर में गौमूत्र, गंगा जल के मिश्रण से छिड़काव करें।
  • स्नान के बाद पहले भगवान की पूजा करें, यशाशक्ति दान करें और उसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।

Posted By: Arvind Dubey