Kedarnath Portals: 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह 6ः10 बजे ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। इसके लिए मंदिर को 700 किलो फूलों से सजाया गया। हालांकि ऐसा पहली बार हुआ, जब Kedarnath के कपाट खुलने के मौके पर धाम में कोई भी भक्त मौजूद नहीं रहा। कोरोना महामारी के चलते सरकार ने फिलहाल यात्रा को अनुमति नहीं दी है। यात्रा कब शुरू होगी, यह लॉकडाउन हटने के निर्भर होगा। पट खुलने की Kedarnath धाम की तस्वीरें जारी हुई हैं।

पहली बार निकली बाबा Kedarnath की ऐसी डोली

बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली 26 अप्रैल को पंचगद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से गौरीकुंड के लिए रवाना हुई और 27 अप्रैल को Kedarnath पहुंच गई थीं। हालांकि, डोली को पैदल मार्ग पर भीमबली में अपना दूसरा पड़ाव डालना था, लेकिन वहां पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने के कारण प्रशासन ने डोली को सीधे केदारनाथ पहुंचाने का निर्णय लिया।

शारीरिक दूरी का किया गया पालन

मंगलवार को Kedarnath में मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने पंचमुखी भोग मूर्तिं की पूजा-अर्चना की। इसके बाद बुधवार सुबह शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए Kedarnath धाम के कपाट खोले गए। इस मौके पर मुख्य पुजारी के अलावा मजिस्ट्रेट व कुछ अन्य अधिकारी ही मौजूद रहे। देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी एनपी जमलोकी के अनुसार, मंदिर को सजाने के लिए ऋषिकेश निवासी सतीश कालड़ा ने गेंदा के सात क्विंटल फूल उपलब्ध कराए हैं। बीते सालों में 10 क्विंटल से अधिक फूलों से मंदिर को सजाया जाता रहा है।

Posted By: Arvind Dubey