हम चाहे बहुत तार्किक हो जाएं, लेकिन कुछ चीजों के तर्क नहीं ढूंढ पाते हैं। पौराणिक कथाओं में शिव के गले में विषधारी नाग लिपटे बताए गए हैं। शिव को हर दृष्टि से प्रकृति प्रेमी माना जाता है। इसके साथ ही पौराणिक कथाओं से इतर भी शिव मंदिरों में सांपों के आने-जाने की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन यदि ऐसा हो कि किसी मंदिर में निश्चित समय पर और नियमित तौर पर सांप का आना हो तो उसे क्या कहेंगे? सांप के इस तरह मंदिर में आने और लगभग 5 घंटे उसी मंदिर में रहने की घटना उत्तरप्रदेश के आगरा जिले के सैय्या थाना क्षेत्र के अंतर्गत सलेमाबाद गांव के शिव मंदिर की है। यहां पिछले सोलह सालों से एक नाग नियमित रूप से शिव के दर्शन के निमित्त मंदिर में आ रहा है।

स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारी के अनुसार यह नाग पूरे पांच घंटे शिवलिंग के समीप बैठा रहता है। हालांकि, इस दौरान मंदिर में आए दर्शनार्थियों के लिए गर्भगृह में प्रवेश रोक दिया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर में पुजारी के पूजा करने के बाद सुबह लगभग 10 बजे इस मंदिर में नाग आता है और दोपहर तीन बजे तक वहीं बना रहता है। नाग के वहां रहने के दौरान इस दौरान मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। उसके बाद ही लोग मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने जाते हैं।

किसी सांप का इतने लंबे समय से हर दिन आना और लगभग 5 घंटे बने रहना लोगों के लिए आश्चर्य से ज्यादा श्रद्धा का विषय है। स्थानीय निवासियों में इस घटना से संबंधित कई मान्यताएं हैं, उनके अनुसार भगवान शिव के गले में सुशोभित नागदेवता कोई और नहीं स्वयं वासुकि हैं। कुछ लोगों का यह भी विश्वास है कि यह नाग किसी देवता का अवतार है जो यहां आकर शिव भक्ति करता है।

Posted By: Sushma Barange