बिलासपुर। सनातन धर्म में हर चीज का अपना एक अलग महत्व और विशेषता है। इन्हीं में सबसे खास शंख पूजन भी है। जिसे घरों, मंदिरों में प्रतिदिन उपयोग किया जाता है। मंदिर में रखा शंख बेहद ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो हर गुरुवार शंख पर केसर का तिलक लगाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। जीवन खुशियों से भर उठता है।

समुद्र मंथन

ज्योतिषाचार्य पंडित वासुदेव शर्मा का कहना है कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत प्राप्ति के लिए 14 रत्नों की उत्पत्ति हुई थी जिसमें से शंख भी एक था। इसलिए हिंदू परिवारों में इसका खास महत्व है। पूजा के समय शंख का होना अनिवार्य है। शंख का इस्तेमाल करने से व्यक्ति को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। जिसका ध्यान में रखा जाता है।

शंख में जल व तुलसी

पंडित वासुदेव के मुताबिक गुरुवार के दिन शंख पर केसर का तिलक लगाकर भगवान विष्णु की पूजा आराधना करनी चाहिए। इससे गुरु ग्रह अच्छा होता है। व्यक्ति का जीवन महक उठता है। सालभर स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। वहीं शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शंख को सफद रंग के वस्त्र में रखना चाहिए। इससे जातक का शुक्र ग्रह बलवान होता है। इसी तरह बुध ग्रह के लिए बुधवार को शंख में जल व तुलसी डालकर शालिग्राम का अभिषेक करने से बुध ग्रह ठीक होता है।

मंगल की अशुभ स्थिति

व्यक्ति की सभी समस्याएं दूर हो जाती है। सोमवार के दिन शंख में दूध भरकर शिवजी को चढ़ाने से जातक का चंद्रमा मजबूत होता है। मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन शंख बजाकर सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होत है कि मंगल की अशुभ स्थिति के कारण पड़ने वाले कुप्रभाव शांत हो जाता है।

राशि में सूर्य की स्थिति अनुकूल करने के लिए रविवार के दिन शंख में जल भरकर सूर्य देव को अर्ध्य देना चाहिए। इससे शरीर को एक नई उर्जा मिलती है। घर में बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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