Astrology Remedies: बिलासपुर। ज्योतिष शास्त्र में नीम का पेड़ मंगल की स्थिति को तय करता है। कुंडली में यदि मंगल की दशा ठीक नहीं चल रही है तो घर के सामने नीम का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में मकान से पेड़ की दूरी को लेकर भी जानकारी वह नियमों का पालन जरूरी है।

ज्योतिषाचार्य देव कुमार पाठक के अनुसार मंगलवार के दिन नीम के पेड़ की पूजा के साथ शाम को जल्दी चढ़ाना चाहिए। नीम पेड़ के सामने दीपक जलाना चाहिए। 11 मंगलवार तक ऐसा करने से हनुमान जी की विशेष कृपा मिलती है। आसपास कहीं नीम का पेड़ लगा हो तो हनुमान जी का ध्यान करते हुए जल अर्पित करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित पाठक के अनुसार घर के सामने यदि नीम का पेड़ है तो उस घर के लोगों का स्वास्थ्य सदैव स्वस्थ बना रहता है।

जीवन में कभी भी अमंगल नहीं होता उनकी कुंडली में तमाम मंगल दोष दूर हो जाते हैं। नीम का शनिदेव से भी संबंध है इसलिए इन दोनों ही ग्रहों की श्रद्धा पाने के लिए व्यक्ति को नीम का पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। घर में दैनिक पूजा पाठ व नीम की लकड़ी से हवन भी करना चाहिए। नीम के पत्तों से स्नान करना चाहिए इन के छाल को शरीर पर लगाना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में यह भी कहा गया है कि नीम की लकड़ी का माला धारण करने से व्यक्ति पीड़ा मुक्त रहता है। नीम के दातुन करने से शनि से जुड़े दोष कुंडली में समाप्त हो जाते हैं।

घर से कितनी दूर लगाएं पहुंचे

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नीम का पेड़ दक्षिण मुखी मकान के समक्ष मुख्य द्वार पर लगानी चाहिए हालांकि इसको दूरी सुनिश्चित है। ध्यान रखना चाहिए कि मुख्य द्वार से दुगनी दूरी पर नीम का हरा-भरा वृक्ष स्थित हो या फिर मकान से दो गुना बड़ा कोई दूसरा मकान हो तो दक्षिण दिशा का असर समाप्त हो जाता है। सर्दी के दिनों में अक्सर लोग बीमार पड़ते हैं इससे बचने के लिए भी नीम के सूखे हुए पत्तों का धुआं घर में करना चाहिए। नीम का पेड़ ना केवल एक औषधीय वृक्ष है बल्कि यह ग्रह दोषों को दूर करने के लिए भी सबसे कारगर है।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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