Dussehra Special 2022: इस साल दशहरा 5 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन फिर बुराई पर अच्छाई का प्रतीक रावण का पुतला दहन होगा। यह एक परंपरा है जो हिंदू धर्म का अभिन्न हिस्सा है। रामायण में जिस पात्र दशानन को सभी खलनायक के रूप में जानते हैं। उसमें कई गुण विद्यमान थे। एक दुष्ट और अभिमानी राजा होने के साथ रावण एक महान पंडित और महाज्ञानी भी था। कई विद्याओं का जानकार लंकेश एक राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला में पारंगत था। उसे तंत्र विद्याएं भी आती थीं। वह इंद्रजाल, सम्मोहन और तंत्र का अच्छा जानकार था। माता सीता का हरण रावण का पाप था, लेकिन उसमें कुछ ऐसे गुण थे। जिनसे सीख ली जा सकती है। आइए जानते हैं कि लंकापति के किन गुणों को अपनाया जा सकता है।

- चारों वेदों का जानकार रावण महादेव का परम भक्त था। उसने भगवान शिवजी का आशीर्वाद पाने के लिए कठिन तप किया था। कठिन तपस्या के बल पर दशानन ने ब्रह्माजी और भोलेनाश से कई वरदान प्राप्त किए थे। शिव तांडव स्त्रोत रावण ने लिखा है।

- मान्यता है कि श्रीराम द्वारा रामेश्वरम में शिवलिंग स्थापित करते समय रावण ने वहां जाकर पूजा कराई थी। उस पूजन में माता सीता को लंका से लेकर पहुंचा भी था।

- पौराणिक कथा के अनुसार रावण ने माता सीता को स्पर्श नहीं किया था। अपहरण के समय दशानन उस जगह को ही उखाड़ लाया था। जिस पर देवी सीता खड़ी थीं।

- लंकेश एक कवि के साथ वीणा वादन में पारंगत था।

- रावण को रसायन शास्त्र का भी ज्ञान था। ज्योतिषविदों और तंत्र प्रेमियों के लिए रावण संहिता उपयोगी ग्रंथ हैं।

- रावण मायावी विद्या का भी जानकार था। वह जब चाहे किसी भी वेश को धारण कर सकता था।

- दशानन के गुणों के बारे में भगवान राम जानते थे। जब रावण मृत्यु शैय्या पर लेटा था। तब श्रीराम ने अपने लक्ष्मण को उससे सीख लेने को कहा था।

- रावण अपने भाई-बहनों के सम्मान को लेकर समर्पित रहा। विभीषण के विचार उससे अलग थे। फिर भी उसने अपने भाई को खुद से अलग नहीं किया।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Kushagra Valuskar

  • Font Size
  • Close