हम अपने सप्‍ताह की शुरुआत सोमवार से करते हैं। सारे कार्यालयों में इस दिन से कामकाज शुरू होता है क्‍योंकि यह सप्‍ताह का पहला दिन होता है। इसी तरह संडे को छुट्टी होती है। इस पूरे सप्‍ताह में शुरू के 5 दिन कामकाज के और बाद के दो दिन वीकेंड यानी अवकाश के माने जाते हैं। यह तो हुई हमारे दैनिक जीवन की बात। लेकिन धार्मिक दृष्टि से देखें तो हर दिन का अपना महत्‍व है। सोमवार भगवान शिव का, मंगलवार हनुमान जी का, बुधवार गणेश जी का, शनिवार शनि देव का और रविवार सूर्य देवता का दिन माना जाता है। हिंदू धर्म के शास्‍त्रों एवं ज्‍योतिषीय मान्‍यताओं के अनुसार प्रत्‍येक दिन का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आइये जानते हैं किस दिन का क्‍या प्रभाव होता है और उसके अनुसार हमें क्‍या उपाय करना चाहिये।

सोमवार

-इस दिन का स्वामी ग्रह सौम्य चंद्रमा है। विवाह, नामकरण, गृह-निर्माण, विद्यालय में प्रवेश के लिए यह वार शुभ है। इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे सज्जन होते हैं। अगर इस दिन दक्षिण की दिशा में यात्रा की जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है।

मंगलवार

-इस दिन का स्वामी ग्रह सेनापति मंगल है। यह शुभ-अशुभ के मिले-जुले प्रभावों वाला दिन है। यह दिन किसी काम के लिए शुभ है तो कुछ बातों के लिए अशुभ। मकान की खरीद-बिक्री करना, वस्त्र खरीदना, सिलवाना ठीक नहीं। इस दिन जन्म लेने वाले जातक क्रोधी स्वभाव के होते हैं। पूर्व व दक्षिण दोनों की दिशाओं में यात्रा में कोई कठिनाई नहीं आती।

बुधवार

-इस दिन का स्वामी ग्रह कुमार बुध है। यह शुभ वारों की श्रेणी में आता है। इस दिन पूर्व और पश्चिम की यात्रा में कोई परेशानी नहीं आएगी। गृह प्रवेश, हल चलाने, अध्ययन आरंभ करने व नए कपड़े पहनने के लिए यह दिन उत्तम है। इस दिन जन्म लेने वाले जातक धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं।

गुरुवार या बृहस्पतिवार

-इस दिन का स्वामी ग्रह गुरु बृहस्पति है। यह दिन भी सभी कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन से प्रारंभ किए गए सभी कार्य सफल सिद्ध होते हैं। इस दिन किसी भी दिशा की यात्रा शुभ फलदायक सिद्ध होती है। इस दिन जन्म लेने वाले जातक सद्गुणी, धार्मिक व तेजस्वी होते हैं।

शुक्रवार

-इस दिन का स्वामी ग्रह शुक्र है। इस दिन जन्म लेने वाले जातक रसिक स्वभाव के होते हैं। विलासितापूर्ण जीवन बिताने में दिलचस्पी रखते हैं। इस दिन सूर्यास्त के पश्चात् की गई यात्राएं सफल होती हैं। इस दिन शाम को प्रारंभ किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं।

शनिवार

-इस दिन का स्वामी ग्रह पाप ग्रह शनि है। समस्त वारों में इसे सबसे अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन आरंभ किया गया कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो पाता अथवा लटकता रहता है। इस दिन यात्रा करने से भी सफलता की संभावना कम होती है। इस दिन जन्म लेने वाले जातक भी अधिकतर रोगग्रस्त ही रहते हैं।

रविवार

-साधारण अथवा आम बोलचाल की भाषा में इसे बंद वार भी कहते हैं। इस वार का स्वामी ग्रह तेजस्वी सूर्य है। सभी प्रकार के कार्यों के लिए यह दिन शुभ है। इस वार को जन्म लेने वाले जातक भाग्यशाली होते हैं। अगर इस दिन पूर्व की दिशा में यात्रा की जाती है तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है।

(उक्‍त आलेख ख्‍यात हस्तरेखातज्ञ. विनोद्जी पंडित. गुरुजी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार )

Posted By: Navodit Saktawat

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