Chhath Puja 2020 Day 1: नहाए खाए के साथ छठ पर्व की शुरुआत हो रही है। बुधवार को बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए नहाए खाए के लिए व्यवस्था की गई है। हालांकि दिल्ली और मुंबई जैसे कोरोना प्रभावित राज्यों में महिलाओं को घाटों पर स्नान करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसको लेकर राजनीति भी हो रही है। नहाए खाए के दिन व्रत रखने वाली महिलाओं सुबह स्नान करती हैं, स्वच्छ कपड़े पहनती हैं, शाम को शाकाहारी भोजन पकाती हैं और पूजा के बाद ग्रहण करती हैं। व्रत रखने वाली महिलाओं के बाद ही परिवार के अन्य सदस्य भोजन करते हैं।

इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा के कार्यक्रम करने की अनुमति मांगी गई थी। बता दें, दिल्ली में कोरोना का कहर बढ़ रहा है। यही कारण है कि केरजीराव सरकार ने अनुमति नहीं दी थी, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था। इस पर दिल्ली में राजनीति भी खूब हो रही है। भाजपा नेता और भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी ने सवाल किया कि दिल्ली में शराब के ठेके खोले जा सकते हैं तो छठ पूजा की अनुमति क्यों नहीं?

उद्धव ठाकरे के मंत्री की सफाई, महाराष्ट्र में नहीं छठ पूजा पर पाबंदी: महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा है कि महाराष्ट्र में छठ पूजा पर कोई पाबंदी नहीं है। नवाब मलिक के मुताबिक, छठ पूजा से जुड़े भीड़ वाले आयोजनों पर रोक है। वहीं मुंंबई में समुद्र में सूर्य को अर्घ्य देने पर रोक है, लेकिन लोग पूजा कर सकते हैं।

छठ पूजा के लिए यूपी सरकार ने जारी की एडवाइजरी: कोरोना महामारी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एडवाइजरी जारी है। लोगों से अपील की गई है कि वे छठ पर्व मनाते समय शारीरिक दूरी का पालन करें। मास्क जरूर लगाएं। महिलाएं अपने घर में या घर के पास ही पूजा पाठ करें। हालांकि जहां घाट और तालाब हैं, वहां स्थानीय प्रशासन को उचित प्रबंधन करने को कहा गया है। नदी, तालाब के किनारे शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था की जा रही है।

छठ पूजा का चार दिन, जानिए किस दिन क्या होता है

छठ पूजा में पहला दिन नहाए खाए का होता है। इसके अगले दिन खरना होता है। तीसरा दिन षष्ठी का होता है और इसी दिन छठी मैय्या की पूजा की जाती है तथा कथा सुनाई जाती है। इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूर्व सम्पन्न होता है।

सर्वार्थसिद्ध व रवियोग में होगी छठ पूजा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठी माता को सूर्य देवता की बहन माना जाता हैं। कहा जाता है कि छठ पर्व में सूर्य की उपासना करने से छठ माता प्रसन्ना होती हैं। यह पूजन परिवार में सुख शांति तथा संतान के सुखी जीवन के लिए की जाती है। छठ पर्व कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि 20 नवंबर को सर्वार्थसिद्ध योग में मनाया जाएगा। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

यहां भी क्लिक करें: LIVE Chhat Puja in MP: नहाय खाय के साथ मध्य प्रदेश में भी आरंभ हुआ सूर्य उपासना का छठ महापर्व, श्रद्धालुओं में उत्‍साह

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Posted By: Arvind Dubey

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