उज्जैन। वैशाख शुक्ल द्वितीया पर 4 जुलाई को दोपहर 2 बजे बुधवारिया से इस्कॉन की रथ यात्रा निकलेगी। भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा व बलराम के साथ रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। भगवान के नगर भ्रमण के लिए मुंबई, कोलकाता के 9 कारीगरों ने सुंदर पोशाक तैयार की है। वस्त्रों को तैयार करने में 30 दिन का समय लगा। पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया अरुणाक्ष प्रभु, निमाई सुंदरप्रभु व पंकज नेत्रप्रभु के निर्देशन में कारीगरों ने खास पोशाक तैयार की है। इसके लिए जापान सहित अन्य देशों से कपड़ा, मोती, धागा आदि सामग्री मंगवाई गई है।

रेशमी वस्त्र पर कसीदे-कारी का काम बेजोड़ नजर आ रहा है। पोशाक को पूर्णता प्रदान करने में स्थानीय करीगरों का सहयोग भी रहा है। परिसर में बसेगी गुंडेचा नगरी इस्कॉन मंदिर परिसर में कलाकार गुंडेचा नगरी को आकार दे रहे हैं। रथ यात्रा के बाद भगवान इसी नगरी में विराजित होंगे। एक सप्ताह तक प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिकआयोजन होंगे। 4 जुलाई को जगदीश मंदिर से निकलेगी खाती समाज की रथ यात्रा कार्तिक चौक स्थित जगदीश मंदिर से 4 जुलाई को दोपहर 3 बजे खाती समाज की रथ यात्रा निकलेगी।

समाज के प्रमुख सुभाष चौधरी ने बताया 100 वर्ष से अधिक समय से खाती समाज द्वारा रथ यात्रा निकाली जा रही है। इस बार भी भव्य रूप से यात्रा निकाली जाएगी। सुबह मंदिर के शिखर का ध्वज बदलेगा। इसके बाद दोपहर में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। दोपहर 2.30 बजे रथ पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा व बलभद्र को विराजित किया जाएगा। महाआरती के बाद रथ यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी।

Posted By: Sushma Barange