Rahu Grah Upay: वैदिक ज्योतिष के अनुसार रत्नों को ग्रहों का अंश माना जाता है। जेमस्टोन एस्ट्रोलॉजी में गोमेद रत्न का विशेष महत्व है। गोमेद को राहु ग्रह का रत्न माना जाता है। गोमेद रत्न धारण करने से राहु मजबूत होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की दशा कमजोर है, तो इसका दुष्प्रभाव कम करने के लिए गोमेद रत्न धारण करना चाहिए। हालांकि गोमेद रत्न पहनने से पहले किसी ज्योतिषाचार्य से परामर्श जरूर लें।

गोमेद रत्न किसे धारण करना चाहिए

- कुंडली के 1, 4, 7 या 10वें भाव में राहु है तो गोमेद धारण करना चाहुए। वहीं राहु राशि के छठवें और आठवें भाव या लग्र में स्थित है तो गोमेद धारण करने से लाभ होता है।

- अगर कोई जातक वकालत, न्याय और राजनीति के क्षेत्र में काम करता है। उसमें तरक्की पाने के लिए गोमेद रत्न पहनना चाहिए।

- यदि किसी व्यक्ति की राशि या लग्न मिथुन, तुला, कुंभ या वृषभ है। उन्हें गोमेद रत्न धारण करना चाहिए।

- किसी जातक की कुंडली में राहु धनु राशि में है। ऐसे में गोमेद रत्न धारण करना लाभकारी माना जाता है।

- राहु मकर राशि के स्वामी है। मकर राशि के जातकों को गोमेद धारण करना चाहिए।

- अगर कुंडली में शुक्र, बुध के साथ राहु की युति है। ऐसे जातक को गोमेद धारण करना चाहिए।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

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