Raksha Bandhan 2019: 15 अगस्त को धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। बहन अपने भाई की सलामती के लिए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रक्षाबंधन हर साल सावन माह के आखिरी दिन यानि पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। हर भाई-बहन को रक्षाबंधन के दिन शास्त्रों में वर्णित कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। इससे रिश्तों में मिठास बनी रहती है।

भाई की कलाई पर राखी बांधते समय बहनें ये मंत्र जरूर पढ़ें...

येन बद्धो बलिराज, दानवेंद्रो महाबलः।

तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः।।

इस मंत्र के अनुसार राजा बलि ने रक्षा सूत्र से ध्यान भटकाए बिना अपना सब कुछ त्याग दिया था। ठीक वैसे ही मैं अपने भाई की कलाई पर ये रक्षा सूत्र बांध रही हूं, तुम अपने लक्ष्य से विचलित न होना और हर हाल में मेरे भाई की रक्षा करना।

ज्योतिषों के अनुसार इस बार रक्षा बंधन को भद्रा की नजर नहीं लगेगी। इतना ही नहीं इस बार श्रावण पूर्णिमा भी ग्रहण से मुक्त रहेगी। भद्रा और ग्रहण से मुक्त होने की वजह से यह पर्व शुभ संयोग वाला और सौभाग्यशाली रहेगा। इस बार रक्षा बंधन के मौके पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त काफी लंबा है। इसलिए बहनें दिन भर में किसी भी समय अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

दाहिनी कलाई पर बांधे राखी

शास्त्रों और मान्यताओं के अनुसार हमेशा भाई की दाहिनी कलाई पर ही राखी बांधनी चाहिए। बता दें कि, हिंदू मान्यताओं में दाएं हाथ को शुभ माना गया है। इसलिए पूजा-पाठ या शुभ काम करते वक्त हमेशा दाएं हाथ का ही इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा कहते हैं कि दाएं हाथ पर रक्षा सूत्र बांधने से ब्रह्मा विष्णु, महेश, लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा सभी का आशीर्वाद मिलता है। इससे भाई और बहन के जीवन में खुशियां आती हैं। यही वजह है कि राखी हमेशा भाई की दाहिनी कलाई में ही बांधी जानी चाहिए।