Raksha Bandhan 2019: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त इस बार 15 अगस्त को सुबह 5: 49 मिनट से शुरू होगा। इस शुभ मुहूर्त से लेकर बहनें अपने भाई शाम 6.01 बजे तक राखी बांध सकती हैं। वैसे, सुबह 6 से 7.30 बजे, और सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक राखी बांधने का सबसे अच्छा मुहूर्त है। सावन के पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 15:45 (14 अगस्त ) से ही हो जाएगी। इसका समापन 17:58 (15 अगस्त) को हो जाएगा। खास बात ये भी है कि कई सालों के बाद यह पहली बार होगा जब राखी के मौके पर भद्रा का साया नहीं होगा। इस खबर के जरिए हम आपको बता रहे हैं रक्षा बंधन के दिन बहन अपने भाई को तिलक क्यों लगाती हैं और इसका क्या महत्व होता है।

राखी की त्योहार बहुत पवित्र व शुभ माना जाता है। इस पावन अवसर पर हर बहन अपने भाई को राखी बांधने से पहले तिलक जरूर लगाती है। शास्त्रों में श्वेत चंदन, लाल चंदन, कुमकम और भस्म आदि से तिलक लगाना शुभ माना गया है। लेकिन, कम ही लोग ये जानते होंगे की रक्षा बंधन के मौके पर भाई को कुमकुम से ही तिलक करना चाहिए। कुमकुम से तिलक करने के बाद इस पर चावल के कुछ दाने लगाने चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार ये तिलक विजय, पराक्रम, सम्मान, श्रेष्ठता और वर्चस्व का प्रतिक है। तिलक मस्तक के बीच में इसलिए लगाया जाता है क्योंकि यहां पर मनुष्य की छठी इंद्री होती है। इसका वैज्ञानिक कारण यह भी है कि अगर शुभ भाव से मस्तक के इस स्थान पर तिलक के माध्यम से दबाव बनाया जाए को स्मरण शक्ति, निर्णय लेने की क्षणता, साहस, बल और बौद्धिकता में वृद्धि होती है।

माथे पर जहां तिलक लगाया जाता है उसे अग्नि चक्र भी कहते हैं। यहीं से पूरे शरीर में ऊर्जा और शक्ति का संचार होता है। यहां तिलक करने से ऊर्जा का संचार होता है। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। भाइयों को भी चाहिए की वे बहन के हाथ में तिलक कर उस पर चावल के दाने लगाए। कहते हैं इससे भाई और बहन के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शास्त्रों के अनुसार, हवन के वक्त चावल को देवताओं पर चढ़ाया जाता है। इसे शुद्ध अन्न माना जाता है इसलिए सकारात्मक ऊर्जा के लिए कच्चे चावल का तिलक में प्रयोग किया जाता है।