मल्टीमीडिया डेस्क। सावन का महीना है और शिव की पूजा में भक्त लीन हैं। जो जिस तरह भी अपनी भक्ति से भगवान शिव को प्रसन्न कर सके वो ऐसा उपाय कर रहा है। शिव का अर्थ है कल्याण। 'शिव' यह दो अक्षरों वाला नाम परब्रह्मस्वरूप एवं तारक है इससे भिन्न और कोई दूसरा तारक नहीं है। शिवलिंग पूजन में जलधारा से अभिषेक का विशेष महत्व है। अभिषेक का शाब्दिक अर्थ है स्नान करना या कराना। शिवजी के अभिषेक को रुद्राभिषेक भी कहा जाता है।

सावन के इस महीने में रुद्राभिषेक का महत्व और बढ़ जाता है और उससे आपके घर में सुख शांति के साथ मनोकामनाएं भी पूरी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपको अगर कोई विशेष फल प्राप्त करना हो तो उसके लिए भगवान शिव के विशेष रूप की पूजा करना ज्यादा फायदेमंद होता है। आपको शायद ही पता हो कि भगवान शिव के 20 अलग-अलग रूपों को पूजने का अलग-अलग फल मिलता है और विशेष महत्व है।

जानिए क्या है भगवान शिव के यह 20 रूप और क्या है इनसे मिलने वाले फलः

1. मिश्री(चीनी) से बने शिवलिंग कि पूजा से रोगो का नाश होकर सभी प्रकार से सुख प्राप्त होते हैं।

2. मिर्च, पीपल के चूर्ण में नमक मिलाकर बने शिवलिंग कि पूजा से वशीकरण और अभिचार कर्म के लिए किया जाता हैं।

3. फूलों से बने शिवलिंग कि पूजा से भूमि-भवन कि प्राप्ति होती हैं।

4. जौं, गेहूं, चावल तीनो का एक समान भाग में मिश्रण कर आटे के बने शिवलिंग कि पूजा से परिवार में सुख समृद्धि एवं संतान का लाभ होकर रोग से रक्षा होती हैं।

5. किसी भी फल को शिवलिंग के समान रखकर उसकी पूजा करने से फलवाटिका में अधिक उत्तम फल होता हैं।

6. यज्ञ कि भस्म से बने शिव लिंग कि पूजा से अभीष्ट सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

7. बांस के अंकुर को शिवलिंग के समान काटकर पूजा करने से वंश वृद्धि होती है।

8. दही को कपड़े में बांधकर निचोड़ देने के पश्चात उससे जो शिवलिंग बनता हैं उसका पूजन करने से समस्त सुख एवं धन कि प्राप्ति होती हैं।

9. गुड़ से बने शिवलिंग में अन्न चिपकाकर शिवलिंग बनाकर पूजा करने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होती हैं।

10. आंवले से बने शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से मुक्ति प्राप्त होती हैं।

11. कपूर से बने शिवलिंग का पूजन करने से आध्यात्मिक उन्नती प्रदत एवं मुक्ति प्रदत होता हैं।

12. यदि दुर्वा को शिवलिंग के आकार में गूंथकर उसकी पूजा करने से अकाल-मृत्यु का भय दूर हो जाता हैं।

13. स्फटिक के शिवलिंग का पूजन करने से व्यक्ति कि सभी अभीष्ट कामनाओं को पूर्ण करने में समर्थ हैं।

14. मोती के बने शिवलिंग का पूजन स्त्री के सौभाग्य में वृद्धि करता हैं।

15. स्वर्ण निर्मित शिवलिंग का पूजन करने से समस्त सुख-समृद्धि कि वृद्धि होती हैं।

16. चांदी के बने शिवलिंग का पूजन करने से धन-धान्य बढ़ाता हैं।

17. पीपल कि लकड़ी से बना शिवलिंग दरिद्रता का निवारण करता हैं।

18. लहसुनिया से बना शिवलिंग शत्रुओं का नाश कर विजय प्रदत होता हैं।

19. बिबर के मिट्टी के बने शिवलिंग का पूजन विषैले प्राणियों से रक्षा करता है।

20. पारद शिवलिंग का अभिषेक सर्वोत्कृष्ट माना गया है। घर में पारद शिवलिंग सौभाग्य, शान्ति, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए अत्यधिक सौभाग्यशाली है। दुकान, ऑफिस व फैक्टरी में व्यापार को बढ़ाने के लिए पारद शिवलिंग का पूजन एक अचूक उपाय है।

शिवलिंग के मात्र दर्शन ही सौभाग्यशाली होता है। इसके लिए किसी प्राणप्रतिष्ठा की आवश्कता नहीं हैं लेकिन, बेहतर और अच्छा लाभ पाने के लिए लिए पूजन विधि युक्त किया जाना चाहिए।

Posted By: Ajay Barve