Sawan 2022: हिमाचल के कुल्लू में एक शिव मंदिर है। जिसका नाम बिजली महादेव मंदिर है। इस मंदिर का जैसा नाम है, नैसा ही काम है। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि शिव मंदिर पर हर 12 साल में आकाशीय बिजली गिरती है। इसके बाद भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। ऐसा क्यों होता है ये लोगों के बीच एक रहस्य है।

इंद्र गिराते हैं मंदिर पर बिजली

पौराणिक मान्याताओं के अनुसार यहां की विशालकाय घाटी सर्प के रूप में है। जिसका वध शिवजी ने किया था। कहा जाता है कि हर 12 वर्ष में देवराज इंद्र भोलेनाथ की आज्ञा से मंदिर पर बिजली गिराते हैं। जिससे शिवलिंग खंडित हो जाता है। इसके बाद मंदिर के पुजारी शिवलिंग पर मक्खन लगाते हैं, ताकि महेश्वर को राहत मिले। मक्खन लगाने के कारण मंदिर का नाम मक्खन महादेव भी है।

बिजली मंदिर से जुड़ी कथा

पौराणिक कथा के अनुसार इस जगह पर कुलान्तक नाम का राक्षस रहता था। अजगर की तरह दिखाने वाले दैत्य से एक बार व्यास नदी के बहाव को रोक दिया। जिससे घाटी डूबने लगी, तो क्रोधित होकर त्रिलोकेशन ने उसका वध कर दिया। मरने के बाद कुलांतक दैत्य का शरीर पहाड़ में बदल गया। इसके बाद महादेव ने इंद्र देव को कहा कि वे दैत्य के शरीर पर हर 12 साल बाद बिजली गिराए। तब से आज तक ये चमत्कार हो रहा है।

मंदिर तक कैसे पहुंचे

बिजली महादेव मंदिर पहुंचने के लिए आप ट्रेन, बस या स्वयं के वाहन से कुल्लू तक पहुंच सकते हैं। यहां से लोकल बस या टैक्सी करके चांसरी गांव तक पहुंचे। इसके बाद ट्रेक का रास्ता शुरू होगा। बिजली महादेव पहुंचने का ट्रेक 3 किमी है।

डिसक्लेमर

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Posted By: Arvind Dubey

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