Vastu Upay: दूध का सेहत के साथ आध्यात्मिक रूप से महत्व है। कच्चे दूध का उपयोग शिवलिंग पर चढ़ाने से लेकर पूजन में होता है। वास्तु शास्त्र में दूध के शुभ-अशुभ संकेतों को देखा जाता है। दूध को चांद का कारक माना गया है। इसके लिए उबलता हुआ दूध गिरना अपशकुन होता है। मान्यता है कि गैस पर चढ़ा दूध बार-बार गिरने से चंद्र दोष लगता है। वहीं घर में नकारात्मता बढ़ने लगती है। जानिए उबलता दूध गिरने पर किस तरह के अशुभ संकेत मिलते हैं।

1. वास्तु शास्त्र के अनुसार गैस पर उबलता दूध गिरने के घर के सदस्यों को मानसिक तनाव बढ़ने लगता है। गिरता दूध चंद्र दोष को बढ़ाता है। इस कारण परिवार में मनमुटाव की स्थिति बनी रहती है। आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ता है।

2. गैस पर दूध उबालते समय आग का इस्तेमाल होता है, जो मंगल का कारक है। मंगल और चंद्रमा एक-दूसके के विपरीत होते हैं। उबलते दूध का गिरना घर में झगड़े की स्थिति पैदा करता है। साथ ही दरिद्रता आने लगती है।

3. उबलते दूध का गिरना सामान्य हो सकता है, लेकिन अक्सर होना अपशकुन होता है। ये इस बात का इशारा है कि मकान में कोई वास्तु दोष है। जिस कारण घर में सुख-समृद्धि का वास नहीं होता।

4. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उबलता दूध गिरना किसी बीमारी के आने की तरफ इशादा करता है।

5. मान्यता है कि दूध गिरने से देवी अन्नपूर्णा नाराज होती है। यदि आपके साथ अक्सर यह होता है तो भगवान से क्षमा मांगे। चंद्र दोष से बचने के लिए मोती धारण करें।

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Posted By: Navodit Saktawat

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